चेन्नई, 7 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी और उप मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने यहां सोमवार को दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के स्मारक की आधारशिला रखी।
50 करोड़ की लागत से बनने वाले इस स्मारक का निर्माण मरीना बीच फ्रंट के समीप पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन के स्मारक के पास किया जाएगा, जहां उन्हें दफनाया गया था। जलललिता का निधन 5 दिसंबर 2016 को हुआ था।
फीनिक्स के आकार के समान प्रस्तावित स्मारक की आधारशिला रखने से पहले विशेष प्रार्थना का आयोजन किया गया। यहां एक संग्रहालय और एक नॉलेज पार्क भी बनाया जाएगा।
पलनीस्वामी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस स्मारक को तैयार होने में एक वर्ष का समय लगेगा।
विपक्षी नेताओं ने स्मारक का विरोध किया। पीएमके के संस्थापक एस.रामादॉस ने कहा कि यह निर्माण भ्रष्टाचार की गवाही दे रहा है।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) नेता एम. के. स्टालिन ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति मामले में जयललिता आरोपी थीं और ऐसे लोगों के स्मारक का निर्माण लोकतंत्र के खिलाफ है।
सर्वोच्च न्यायालय ने 14 फरवरी 2017 को तत्कालीन अखिल भारतीय अन्ना द्रमुक मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख जयललिता की करीबी सहयोगी वी.के. शशिकला व दो अन्य को आय से अधिक मामले में दोषी ठहराया था, जबकि जयललिता के निधन की वजह से उनके खिलाफ यह मामला बंद कर दिया गया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि एक निचली अदालत द्वारा जयललिता पर लगाए गए 100 करोड़ रुपये अर्थदंड को हालांकि वसूला जा सकता है।
सर्वोच्च न्यायालय ने इस संबंध में पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था।
जयललिता को बेंगलुरू की एक अदालत ने भ्रष्टाचार मामले में चार वर्ष की जेल की सजा सुनाई थी और 100 करोड़ रूपये का आर्थिक दंड लगाया था।
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