नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को अदालत से अतिरिक्त गवाह पेश करने की इजाजत मांगी।
सीबीआई की याचिका पर दिल्ली की एक निचली अदालत ने अपना आदेश छह फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया।
विशेष न्यायाधीश संजय गर्ग ने सीबीआई की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा कि उन्हें जांच के दौरान चौटाला से जुड़े कई बैंक दस्तावेज और अन्य रिकार्ड मिले हैं, जिन्हें साबित करने के लिए उन्हें और गवाह पेश करने होंगे।
सीबीआई ने अदालत से कहा कि चौटाला और उनकी पत्नी के आयकर रिटर्न फाइलों की फोटोप्रतियों के सत्यापन की जरूरत है, जिसके लिए आयकर विभाग के अधिकारियों को मूल दस्तावेजों के साथ पेश होना होगा।
चौटाला के वकील ने हालांकि सीबीआई की इस दलील का यह कहकर विरोध किया कि जांच की शुरुआत से ही सीबीआई के पास सारे दस्तावेज हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें अतिरिक्त गवाहों की क्या जरूरत है।
सीबीआई ने कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर चौटाला और उनके दो बेटों -अजय और अभय- के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
सीबीआई ने 26 मार्च, 2016 को चौटाला के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया, जिसमें चौटाला पर 1993 से 2006 के दौरान अवैध तरीके से अपनी आय से 6.09 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है।
सीबीआई का आरोप है कि उल्लिखित अवधि में चौटाला की घोषित आय जहां 3.22 करोड़ रुपये थी, वहीं उनके पास से 189 प्रतिशत अतिरिक्त संपत्ति पाई गई।
हरियाणा में सन 2000 में 3,206 जूनियर प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में अनियमितता बरतने से संबंधित एक अन्य मामले में दोषी पाए गए चौटाला को 10 वर्ष की सजा हुई है। वह इस समय जेल में अपनी सजा काट रहे हैं।
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