छगविस : विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू, दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि

जिन लोगों को विधानसभा में श्रद्धांजलि दी गई, उनमें पूर्व मंत्री हेमचंद यादव, पूर्व सांसद केयूर भूषण और पूर्व राज्यमंत्री विक्रम भगत शामिल रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, “हेमचंद यादव का काम सराहनीय रहा है। उनका कोई शत्रु नहीं था। उनका व्यवहार बेहद सरल था। केयूर भूषण ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों का आजीवन अनुसरण किया।”

संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर ने कहा, “हेमचंद यादव के साथ रहने से हम कभी टूटे नहीं, बिखरे नहीं। विपरीत परिस्थितियों में भी वह कहते थे सब ठीक हो जाएगा। उनका जाना मेरे जैसे कई लोगों के लिए व्यक्तिगत क्षति है। केयूर भूषण राजनीतिक और साहित्यिक जीवन के एनसाइक्लोपीडिया थे। अनुसूचित जातिवर्ग के विक्रम भगत वरिष्ठ नेता थे। उनके साथ जिस तरीके की भी राजनीतिक घटना घटी, चाहे कारण कुछ भी रहा हो, वह भीतर से टूट गए थे। उसके बाद वह सार्वजनिक जीवन में नहीं दिखे। धर्मांतरण विरोधी कानून लाने में वह बड़े हस्ताक्षर थे।”

विधायक भूपेश बघेल ने कहा, “तीनों नेताओं को मैं अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। तीनों में एक समानता थी। तीनों सरल-सहज थे। उनका जाना छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी क्षति है।”

मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “हेमचंद यादव की कमीं विधानसभा में महसूस होती है। हमारी राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक साथ हुई थी। उन्हें कभी परेशान नहीं देखा। उन पर पक्ष-विपक्ष का कोई भी नेता आरोप नहीं लगा सकता। 10-20 लाख लोगों में एकाध ही ऐसा नेता पैदा होता है। उनके स्थान को भर पाना मुमकिन नहीं है। केयूर भूषण जी के साथ हमारा लंबा जुड़ाव रहा। अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को मंदिरों में प्रवेश कराया। ऐसे गांधीवादी नेता का जाना एक युग का समाप्त होना है। विक्रम भगत सरलता और सादगी के प्रतीक थे।”

नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव ने भी सभी दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, मुख्यमंत्री रमन सिंह, संसदीय कार्यमंत्री अजय चन्द्राकर, नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिहदेव समेत समिति के वरिष्ठ सदस्य मौजूद थे।

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