समिति का यह भी कहना है कि आयोजकों से सुरक्षा शुल्क वसूल कर पुलिस कल्याण कोष में जमा किया जाना चाहिए।
छग नागरिक संघर्ष समिति के महासचिव हरजीत जुनेजा, प्रदेश क्रीड़ा प्रकोष्ठ के अमिताभ दीक्षित, रायपुर जिला अध्यक्ष विश्वजीत मित्रा ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि आईपीएल जैसे आयोजनों को देश के कुछ राज्यों में राज्य सरकार की मदद लेकर किया जा रहा है। इसके लिए राज्यों को सुरक्षा शुल्क एवं अन्य सुविधाओं के एवज में भुगतान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्य के लिए इस तरह के आयोजन विश्वस्तरीय पहचान बनाने के लिए आवश्यक है, पर करोड़ों-अरबों की राजस्व की क्षति को अनदेखा किया जाना जनता की गाढ़ी कमाई का खुलेआम दुरुपयोग है।
समिति ने वर्ष 2013 से ही शासन-प्रशासन के समक्ष पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले व्यय की राशि, स्टेडियम के किराए की राशि, दर्शकों को लाने वाली बसों पर होने वाले खर्च की राशि निजी आयोजक संस्था से वसूल किए जाने की मांग लिखित तौर पर करती आ रही है।
समिति ने शासन से मांग की है कि विगत आईपीएल मैचों में हुए खर्च वसूली जीएमआर कंपनी से की जाए और प्राप्त रकम पुलिस कल्याण मद में तथा स्टेडियम के रखरखाव एवं दीगर खेल संघों को मजबूत बनाने पर खर्च की जाए।
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