रायपुर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मॉर्निग वाक पर निकले चीनी इंजीनियर की हाथी के हमले में मौत के मामले में मुआवजे को लेकर कई हफ्ते बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। वन विभाग ने इस संबंध में वन मंत्रालय और राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा है।
रायपुर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मॉर्निग वाक पर निकले चीनी इंजीनियर की हाथी के हमले में मौत के मामले में मुआवजे को लेकर कई हफ्ते बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। वन विभाग ने इस संबंध में वन मंत्रालय और राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा है।
छत्तीसगढ़ में हाथियों के हमले से मौत होने पर राज्य सरकार ने बतौर मुआवजा 4 लाख रुपये का प्रावधान रखा है, लेकिन जिस इंजीनियर जहांग कीटाउ की मौत हाथी के हमले से हुई है, वह चीन का था। लिहाजा, नियमों का पेच फंसने के कारण फिलहाल मुआवजा पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
वन्य जीवों के हमलों से मौत होने पर वन विभाग द्वारा मुआवजे की राशि अलग-अलग होती है। वहीं हाथियों के हमले से मौत पर वर्तमान में 4 लाख रुपये देने का प्रावधान है, लेकिन इसमें भी किसी विदेशी नागरिक को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है।
मुआवजा देने में नियमों का पेंच फंसने के चलते विभाग ने राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा है।
रायगढ़ वनमंडल के वन मंडलाधिकारी राजेश पांडेय ने दूरभाष पर बताया कि चीनी इंजीनियर को मुआवजा देने संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है। अब वहां से दिशानिर्देश आने का इंतजार है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कटंकापाली में 7 सितंबर की सुबह मॉर्निग वाक पर निकले चीनी इंजीनियरों पर हाथी ने हमला कर दिया था। हमले में एक चीनी इंजीनियर जहांग कीटाउ की मौत हो गई थी। वहीं एक अन्य इंजीनियर ने भागकर अपनी जान बचाई।
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा-छाल मार्ग पर इन दिनों टीआरएन एनर्जी रिसोर्स कंपनी का काम चल रहा है। इसी सिलसिले में चीन की कंपनी सीडब्ल्यूसी से इंजीनियरों को यहां बुलाया गया था। जहां के दो इंजीनियर मॉर्निग वाक पर जंगल की ओर गए थे, जहां हाथी के हमले में इंजीनियर जहांग कीटाउ की मौत हो गई थी। चीनी इंजीनियर का शव चीन भेज दिया गया था।
ये इंजीनियर टीआरएन के हॉस्टल में रहते थे, जो जंगल से लगा हुआ है। वहीं 11 सितंबर को चीनी इंजीनियर जहांग कीटाउ का शव लेने चीनी दूतावास के अधिकारी रायगढ़ पहुंचे थे। सीडब्ल्यूसी चाइना वेस्ट पॉवर कार्पोरेशन शाखा के प्रतिनिधि जॉय पिंटो को पोस्टमार्टम के बाद जहांग कीटाउ का शव सौंप दिया गया। उनका पोस्टमार्टम रायगढ़ में किया गया। उनका शव 12 सितंबर को चीन भेज दिया गया।
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