उपाध्याय को अब पुलिस हाउससिंग कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष सह प्रबंध संचालक का दायित्व दिया गया है।
इसके साथ अवस्थी के पास विशेष डीजी नक्सल ऑपरेशन, एसआईबी और प्रबंध संचालक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन व डीजी एसीबी का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। गृह विभाग की उप सचिव लीना कमलेश मंडावी के हस्ताक्षर से यह आदेश जारी किया गया है।
1985 बैच के आईपीएस एएन उपाध्याय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कला में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।
जारी आदेश में लिखा गया है कि उपाध्याय के प्रभार लेने के बाद अवस्थी पुलिस हाउसिंग कॉपोर्रेशन के प्रबंध संचालक के पद से कार्यमुक्त होंगे। शेष अन्य प्रभार उनके पास यथावत रहेंगे।
वहीं 1986 बैच के आईपीएस दुर्गेश माधव अवस्थी तीन साल पूर्व विशेष डीजी नक्सल ऑपरेशन नियुक्त किए गए थे। इस दौरान उनके नाम कई सफल मुठभेड़ और अभियान शामिल हैं।
डीएम अवस्थी 2004 में रायपुर एसपी बने और उसके बाद अपनी तेजतर्रार पुलिसिंग व अन्वेषण के लिए चर्चा में आए। इसी वजह से उन्हें इंटेलिजेंस जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। अवस्थी को नक्सल इलाके में पुलिस का खुफिया तंत्र मजबूत करने के लिए भी जाना जाता है।
पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक होते हुए भी उन्हें कई बार प्रसिद्धि हासिल हुई है। उन्होंने पुलिस के लिए 10 हजार मकान और 200 थाने बनवाए। बेहद जर्जर मकानों में रहने वाली पुलिस के लिए इतने मकानों का निर्माण अब तक किसी राज्य में नहीं हुआ है।
इसके अलावा उन्हीं के कार्यकाल में प्रदेशभर में 200 से ज्यादा थाना भवनों का नए सिरे से निर्माण किया गया और उनमें पुलिसिंग के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई।
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