केंद्रीय मंत्री गहलोत ने बैठक के बाद मीडिया से कहा, “छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता का चयन करने का हमें दायित्व दिया गया था, जिसके लिए हम यहां आए थे। 15 विधायकों से अलग-अलग विचार-विमर्श हुआ। इसके बाद बैठक में प्रस्ताव आमंत्रित किया गया।”
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के नाम का प्रस्ताव किया। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने समर्थन किया। अन्य विधायकों ने भी समर्थन किया। इस दौरान और लोगों का भी नाम आमंत्रित किया गया, लेकिन कोई और नाम नहीं आया।”
गहलोत ने धरमलाल कौशिक को बधाई देते हुए कहा कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का भाजपा को विधानसभा में लाभ मिलेगा। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश की जनता की सेवा के लिए तत्पर रहेगा।
कौशिक ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी को ढाई करोड़ जनता ने सजग प्रहरी की जिम्मेदारी दी है। छत्तीसगढ़ की विधानसभा में प्रहरी के रूप में दायित्व का निर्वाहन करेंगे।”
उल्लेखनीय है कि नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर चली लंबी खींचतान के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के नाम पर मुहर लगी। नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, ननकीराम कंवर, अजय चंद्राकर दावेदार थे।
कौशिक छत्तीसगढ़ में भाजपा के अनुभवी नेता हैं। ओबीसी वर्ग से हैं। वह विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह 2013 में चुनाव हार गए थे, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इस बार वह फिर से बिल्हा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
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