जगदलपुर, 6 मार्च (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 5 मार्च की रात भारी उत्पात मचाते हुए नक्सलियों ने 2 यात्री बस और 3 ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। साथ ही मुखबिरी के संदेह में एक ग्रामीण सोढ़ी मुन्ना की हत्या कर शव को सड़क पर फेंक दिया। माओवादियों ने बैनर-पोस्टर भी छोड़े हैं, जिसमें उन्होंने दो मार्च को बीजापुर जिले के पुजारी कांकेर में हुई मुठभेड़ को फर्जी करार दिया है।
जगदलपुर, 6 मार्च (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 5 मार्च की रात भारी उत्पात मचाते हुए नक्सलियों ने 2 यात्री बस और 3 ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। साथ ही मुखबिरी के संदेह में एक ग्रामीण सोढ़ी मुन्ना की हत्या कर शव को सड़क पर फेंक दिया। माओवादियों ने बैनर-पोस्टर भी छोड़े हैं, जिसमें उन्होंने दो मार्च को बीजापुर जिले के पुजारी कांकेर में हुई मुठभेड़ को फर्जी करार दिया है।
बस्तर के आईजी विवेकानंद सिंहा और एसपी अभिषेक मीणा ने कहा कि नक्सलियों ने दोरनापाल थाना क्षेत्र के कुड़ती के पास घटना को अंजाम दिया है। दो दिन पहले तेलंगाना के ग्रेहाउंडस दस्ते ने बॉर्डर पर दस नक्सलियों को मार गिराया था। इसी के विरोध में नक्सलियों ने इस हिंसक वारदात को अंजाम दिया है। आगजनी में क्षतिग्रस्त दो बसें तेलंगाना स्टेट ट्रांसपोर्ट की हैं और तीसरी बस छत्तीसगढ़ की है। सभी बसें जगदलपुर से हैदराबाद जा रही थीं। इसके अलावा नक्सलियों ने 3 अन्य ट्रकों को भी जलाकर राख कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार आगजनी की घटना को अंजाम देने 30 से ज्यादा सशस्त्र वर्दीधारी नक्सली मौके पर पहुंचे थे। जगदलपुर से हैदराबाद जा रही बस को कुड़ती सीआरपीएफ कैंप से डेढ़ किलोमीटर दूर रोक लिया गया। इसके पीछे बैलाडिला से हैदराबाद जा रही बस भी थी। दोनों वाहनों में सवार यात्रियों को उतारकर नक्सलियों ने उनमें आग लगा दी। इसके साथ ही मौके पर तीन ट्रक भी आ गए। एक-एक कर नक्सलियों ने सभी वाहनों का डीजल टैंक फोड़कर उन्हें जला दिया।
वाहनों को आग लगाने से पहले नक्सलियों ने सभी यात्रियों को नीचे उतारकर एक जगह बैठा दिया था। करीब एक घंटे तक नक्सली मौके पर उत्पात मचाते रहे। वाहनों के पूरी तरह जल जाने के बाद नक्सलियों ने यात्रियों को रिहा कर दिया। घटना के बाद नक्सली भी जंगल की ओर भाग गए। सभी यात्री विशेषकर छोटेकृछोटे बच्चों को लिए महिला यात्री 10-12 किमी पैदल चलकर दोरनापाल पहुंचे। यात्रियों की चेहरे पर नक्सलियों को खौफ साफ नजर आ रहा था।
नक्सलियों ने जिस तरह से रात्रिकालीन बस सेवाओं को निशाना बनाया है, इससे यात्रियों के मन में भय समा गया है। जिला मुख्यालय से रायपुर और हैदराबाद के लिए 12 से ज्यादा बसें चलती हैं। 5 मार्च की घटना के बाद से यात्री अब इस मार्ग पर सफर करने से कतरा रहे हैं।
बस्तर आईजी विवेकानंद सिंह और एसपी अभिषेक मीणा ने कहा कि पुलिस के चौतरफा दबाव और दो मार्च को बीजापुर में हुई मुठभेड़ में मारे गए 10 सदस्यों से नक्सली बौखला गए हैं। इसीलिए खासकर तेलंगाना राज्य की बसों को निशाना बनाया गया है। नक्सलियों ने एक यात्री सोढ़ी मुन्ना की भी हत्या कर दी है जो हाल ही जेल से छूटकर आया था।
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