रायपुर, 11 जनवरी (आईएएनएस)। देशभर में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का सरकारी अधिकारी ही कैसे भद पीटते हैं इसका उदाहरण छत्तीसगढ़ के कवर्धा में देखने को मिला हैं। जहां छात्रावास, आश्रम के छात्रों के लिए आयोजित जिला स्तरीय शारीरिक, बैद्धिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिता के लिए आए खिलाड़ियों को आयोजकों ने शौच के लिए समीप स्थित भोजली तालाब का रास्ता दिखाया।
रायपुर, 11 जनवरी (आईएएनएस)। देशभर में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का सरकारी अधिकारी ही कैसे भद पीटते हैं इसका उदाहरण छत्तीसगढ़ के कवर्धा में देखने को मिला हैं। जहां छात्रावास, आश्रम के छात्रों के लिए आयोजित जिला स्तरीय शारीरिक, बैद्धिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिता के लिए आए खिलाड़ियों को आयोजकों ने शौच के लिए समीप स्थित भोजली तालाब का रास्ता दिखाया।
कवर्धा सूबे के मुखिया डॉ. रमन सिंह और सांसद अभिषेक सिंह का गृह जिला ही नहीं, गृह नगर भी है। इस संबंध में आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त के.पी. ध्रुव का कहना है कि स्टेडियम में पानी की कोई परेशानी नहीं है। हां, शौचालय की समस्या जरूर है। इसलिए प्रतिभागियों को शौच के लिए भोजली तालाब भेजा गया था।
जानकारी के मुताबिक, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग छात्र-छात्राओं के सर्वागीण विकास के लिए आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्रथम जिला स्तरीय छात्रावास, आश्रम, शारीरिक, बौद्घिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन 8 से 10 जनवरी तक स्टेडियम में किया गया। इस प्रतियोगिता में आदिवासी विकास के लगभग 400 छात्र एवं 400 छात्राओं ने हिस्सा लिया, इसमे कवर्धा, पंडरिया, बोड़ला व चिल्फी जोन चार भागों में बांटा गया था।
प्रतियोगिता में अपना जौहर दिखाने के लिए सभी छात्रावासों से खिलाड़ी गुरुवार को पहुंच गए थे। महिला वर्ग के खिलाड़ियों के लिए शहर के छात्रावासों में रुकने की व्यवस्था की गई थी तथा पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों के लिए स्थानीय स्टेडियम में बने आवास गृह में रुकने की व्यवस्था की गई थी। इस गृह में आज भी काफी अव्यवस्था का आलम बना हुआ है। यहां एक भी शौचालय उपयोग के लायक नहीं है।
शौचालय में गंदगी पूरी तरह फैली हुई है तथा पानी की निकासी भी नहीं हो पा रहा है। यहां रुकने वाले खिलाड़ियों को इस अव्यवस्था के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शौच के लिए सभी खिलाड़ियों को समीप स्थित भोजली तालाब भेजा गया। इसे लेकर खिलाड़ियों में काफी आक्रोश था।
खिलाड़ियों का कहना था कि विभाग द्वारा जब पहली बार जिलास्तरीय आयोजन किया गया तो उसके अनुसार व्यवस्था रखनी चाहिए थी। आवासगृह में शौचालय है लेकिन गंदगी से भरे होने व पानी नहीं होने के कारण इसका उपयोग नहीं हो पाया। इस अव्यवस्था को पहले ही दुरस्त किया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान पानी व भोजन में कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन ज्यादा परेशानी शौच के लिए ही हुई। इसे लेकर खिलाड़ियों में आक्रोश देखा गया।
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