समिति के सदस्य निर्धारित तिथियों में एक एक करके नगर पालिक निगमों का दौरा करेंगे। निरीक्षण के बाद नगर पालिक निगमों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता की अनुशंसा भी समिति के द्वारा की जाएगी। राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा इस आशय का आदेश शनिवार को जारी कर दिया गया है। यह समिति 9 मार्च को अंबिकापुर नगर निगम का दौरा करेगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पूर्व में प्रदेश के 32 शहरों को दिसंबर 2016 तक तक खुले में शौच मुक्त करने की घोषणा की जा चुकी है, जिसमें 3 नगर निगम धमतरी, अंबिकापुर और बीरगांव शामिल थे। इसके अलावा पांच नगर पालिका परिषदें अकलतरा, बलोदाबाजार, बलरामपुर, दीपिका, खरसिया और 24 नगर पंचायतें माना कैम्प, धमधा, पाटन, गुरुर, चिखलाकसा, बोड़ला, अम्बागढ़ चौकी, बलौदा, खरोरा, छुरा, बिलाईगढ़, कुरूद, घरघोड़ा, किरोड़ीमल नगर, बरमकेला, लखनपुर, सीतापुर, राजपुर, विश्रामपुर, जरही, भटगांव, भानुप्रतापपुर, नरहरपुर और कोंटा शामिल हैं।
राज्य शासन के इस कदम के बाद अब 42 शहरों को खुले में शौच मुक्त किया जाएगा।
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