रायपुर, 11 जुलाई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी ने एक साथ 13 अजगर के बच्चों को पकड़ा, जो सेप्टिक टैंक के अंदर थे। रिलायंस के बंद पेट्रोल पंप के सेप्टिक टैंक से इन्हें निकालने के लिए दो घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चला।
टैंक में अजगर के फूटे हुए अंडे भी मिले, जिनसे ये बाहर निकले हैं। मादा अजगर को आसपास तलाशा गया, लेकिन वह नहीं मिली। जल्द ही इन बच्चों को इनके अनुकूल सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया जाएगा।
नोवा नेचर की भिलाई नगर टीम के पास राजनांदगांव के सोमनी गांव से फोन आया कि यहां सेप्टिक टैंक में अजगर हैं। टीम के सदस्य 25 किमी का सफर कर मौके पर पहुंचे। यहां रिलायंस के वर्षों से बंद पड़े पेट्रोल पंप के सेप्टिक टैंक में अजगर का घरौंदा मिला।
सेप्टिक टैंक में उतरना मुश्किल था, फिर भी सोसाइटी के सदस्य एम. सूरज, अजय चौधरी उतरे। एक-एक कर अजगर के बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें थैले में रखकर भिलाई ले आए। सेप्टिक टैंक से 20 मीटर दूर एक और घरौंदा पाया गया, लेकिन वहां अजगर नहीं मिला।
गौरतलब है कि पिछले साल नोवा नेचर ने अजगर के 15 अंडे बरामद किए थे।
अजगर के बारे में खास बातें :
अजगर जहरीला नहीं होता। मादा अजगर एक निश्चित तापमान में ही अंडे देती है। वह अंडों को सुरक्षित रखती है और जैसे ही बच्चे अंडों से निकलते हैं, वह उन्हें खुले में छोड़ देती है। दो-तीन हफ्ते के अंदर बच्चे अपनी केंचुली से निकल आते हैं।
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