बस्तर के आईजी एसआरपी कल्लूरी एवं दंतेवाड़ा के एसपी कमलोचन कश्यप ने बताया कि कटेकल्याण, बड़ेगुडरा एवं कुआंकोंडा थाने से अलग-अलग दिशाओं की ओर घोर माओवादी इलाके में संयुक्त बल को सर्चिग अभियान पर रवाना किया गया था। सूरनार के जंगल में चलाए गए अभियान में मुरकी निवासी नक्सली माड़वी मंगड़ू (23) गिरफ्तार किया गया। वह वर्ष 2007 से कटेकल्याण एरिया में डुमाम एलओएस का सदस्य रहा है।
मंगड़ू कटेकल्याण इलाके में घटित बड़ी घटनाओं एवं पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में भी शामिल रहा है। सन् 2011 में संपन्न लोकसभा उपचुनाव के दौरान ग्राम गुडसे के निकट जंगल में हुए नक्सली हमला, जिसमें एक सहायक आरक्षक शहीद हुआ था एवं इंसास हथियार लूटने के साथ कई मतदान कर्मी घायल हुए थे, में शामिल था।
इसके अलावा ग्राम कावडगांव रेलवे स्टेशन के आसपास के रेलवे पटरी उखाड़ने की घटना में भी शामिल रहा है।
एक अन्य कार्रवाई में नक्सली हपका राजू मुरिया निवासी ग्राम हुरेर्पाल थाना मिरतूर को दबोचा गया है। राजू सन् 2005 से बाल संघम के रूप में माओवादी संगठन से जुड़ा व 2009 से पश्चिम बस्तर डिवीजन में सक्रिय सप्लाई प्लाटून सदस्य के बाद वर्तमान में डिप्टी कमांडर के पद पर काम कर रहा है।
राजू दिसंबर, 2014 में बीजापुर जिले के थाना जांगला के ग्राम किटोपार में पुलिस मुठभेड़ में शामिल था, जिसमें तीन माओवादी साथी मारे गए थे। इसके बाद से जिला दंतेवाड़ा के थाना भांसी एवं फरसपाल के सरहदी क्षेत्र में भ्रमण करता था।
इसी दौरान 20 नवंबर 11 को थाना भांसी के ग्राम झिरका एवं फरसपाल के केशापुर जंगल में हुई पुलिस मुठभेड़ में संलिप्त रहा है। राजू दैनिक उपयोग के सामान खरीदी के लिए दंतेवाड़ा आया हुआ था। उसे सादे कपड़े में तैनात सरेंडर कर चुके माओवादियों ने पहचान लिया और गिरफ्तार करवाया।
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