जानकारी मिली है कि माना बस्ती निवासी धनवा प्रसाद बाघमार की चार बेटियां हैं। वह अपनी तीन बेटियों की शादी एक साथ करना चाहता था, लेकिन उसकी एक पुत्री कमलेश्वरी (21) एमकॉम (प्री) की छात्रा है और वह आगे पढ़ाई जारी रखना चाहती है। इसलिए उसने अभी शादी करने से इनकार कर दिया। इससे नाराज होकर उसके पिता धनवा उसे प्रताड़ित करने लगे।
कमलेश्वरी की तबीयत खराब हो गई। दो-तीन दिनों से उसकी मानसिक हालत में भी ठीक नहीं थी। परिजनों ने सोचा कि उस पर भूत-प्रेत का साया है। पिता धनवा शनिवार रात बेटी को माना बस्ती में रहने वाले बैगा (तांत्रिक) कोमल तारक के पास ले गया। बैगा ने युवती के ऊपर भूत-प्रेत का साया होना बताया।
बैगा ने झाड़-फूंक करने के नाम पर युवती के गाल व समूचे शरीर को गरम चिमटे से दागने लगा। हद तो तब हो गई, जब बैगा ने युवती की आंखों में नींबू निचोड़ दिया। इस घटना में युवती बेसुध हो गई और उसकी हालत बिगड़ने लगी। यह देखकर परिजन भी घबरा गए। तब पीड़ित युवती की बड़ी बहन ने हिम्मत कर उसे इलाज के लिए तुरंत मेकाहारा अस्पताल ले गई। उसकी हालत देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए।
डॉक्टरों ने पीड़ित युवती की बहन से पूछताछ करने के बाद घटना की सूचना पुलिस को दी। माना थाना पुलिस ने शनिवारसा रात मेकाहारा पहुंचकर युवती की स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने रविवार सुबह तांत्रिक कोमल तारक को गिरफ्तार कर लिया। माना थाना पुलिस का कहना है कि मामले की तफ्तीश की जा रही है और आरोपी बैगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित युवती के परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी। डॉक्टरों का कहना है कि युवती की हालत अभी नाजुक है।
वहीं अंबेडकर अस्पताल के सीएमओ डॉ. सुनील गुप्ता का कहना है कि उन्होंने भी छात्रा को देखा, उसकी हालत बेहद खराब है। आंखों में ज्यादा चोट लगने की वजह से कहीं उसकी आंख न खराब हो जाए। उनका कहना है कि छात्रा को हाथ-पैर और कमर में अंदरूनी चोटें आई हैं।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्रा का कहना है कि बीमारी होने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए। बैगा-गुनिया को दिखाने से बीमारी ठीक होती नहीं, बल्कि व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाता है।
dharmpath.com dharmpath