रायपुर/बिलासपुर, 17 अगस्त (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ में एक ग्रामीण की सतर्कता से एक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गया। रेल पटरी में आई दरार को देखकर ग्रामीण ट्रेन की दिशा में लाल कपड़े दिखाते हुए दौड़ पड़ा। ट्रेन के ड्राइवर की उस पर नजर पड़ी और उसने ट्रेन रोक दी। सोमवार को पटरी की मरम्मत की जा रही है।
रायपुर/बिलासपुर, 17 अगस्त (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ में एक ग्रामीण की सतर्कता से एक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गया। रेल पटरी में आई दरार को देखकर ग्रामीण ट्रेन की दिशा में लाल कपड़े दिखाते हुए दौड़ पड़ा। ट्रेन के ड्राइवर की उस पर नजर पड़ी और उसने ट्रेन रोक दी। सोमवार को पटरी की मरम्मत की जा रही है।
अटहदा निवासी 26 वर्षीय चितमन सिंह की सतर्कता की वजह से 22830 शालीमार-भुज एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गया।
रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार, बेलगहना-टेंगनमाड़ा के बीच रेल पटरी में दरार आ गई थी। वहीं 22830 शालीमार-भुज एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर बेलगहना स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। उसी समय कुछ किमी पहले अटहदा निवासी चितमन सिंह रेल टैक पार कर रहा था, तभी उसकी नजर पटरी में आई दरार पड़ी।
चितमन सिंह ने अनिष्ट की आशंका को देखते हुए अपनी जान की परवाह किए बगैर लाल कपड़ा हाथ में लेकर ट्रेन की दिशा में दौड़ लगा दी। ट्रेन करीब आते ही वह जोर-जोर से हाथ हिलाने लगा। उसे देखकर ट्रेन के चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। ड्राइवर और चालक दल के सदस्यों ने ग्रामीण से वस्तुस्थिति की जानकारी ली, तब मामला सामने आया।
वहीं रेलवे विभाग को सूचना दी गई, फिर ट्रैक की जांच की गई। एक घंटे की देरी से ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
इस मामले को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ आर.के. अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल फिशप्लेट लगाकर ट्रैक को फिट कर दिया गया है। इस समय जितनी भी ट्रेनें गुजर रही हैं, उनके 30 किलोमीटर की रफ्तार से निकाला जा रहा है।
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