एलेसेला के अनुसार, गंगालूर थाने से डीआरजी और एसटीएफ के 100 जवानों का संयुक्त दस्ता तलाशी के लिए जंगल की ओर निकला था। मिरतूर थाने से करीब 20 किलोमीटर दूर जप्पेमरका के जंगल में पहले से घात लगाए नक्सलियों ने सुबह लगभग छह बजे जवानों पर हमला बोल दिया। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए, जबकि दो नक्सली भी मारे गए हैं।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, लगभग डेढ़ घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। घटना स्थल की तलाशी के बाद दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं।
एडीजी नक्सल ऑपरेशन आर.के. विज ने बताया कि शहीद जवानों की पहचान एसटीएफ के कांस्टेबल सीताराम कुंजम निवासी बीजापुर और डीआरजी के सहायक कांस्टेबल मोतीराम निवासी झांगला के रूप में हुई है। सुरक्षाबल जंगल में गहन तलाशी कर रहे हैं।
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