रायपुर, 7 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एकमात्र पर्यटन स्थल बार नवापारा अभयारण्य में इन दिनों सैलानियों की भारी चहल पहल दिखाई दे रही है। ऑनलाइन कॉटेज बुकिंग तथा जंगल भ्रमण करने पर्याप्त खुली जिप्सी मिलने से सैलानी यहां के वन्य प्राणियों को खुले जंगल में विचरण करते देख मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
बार अभयारण्य में चीतल, हिरण, नीलगाय, गवर, भालू तथा मोर की संख्या इतनी अधिक है कि यहां इन्हें आम पशु पक्षी की तरह खुले में कहीं भी देखा जा सकता है। इस वर्ष बारनवापारा में ठहरने व जंगल भ्रमण करने की वन विभाग ने चाक चौबंद व्यवस्था की है। जिससे यहां सभी लोगों को वन्यप्राणी देखने को मिल रहा है।
यहां पर्यटकों की शनिवार और रविवार को इतनी अधिक भीड़ रहती है कि पर्यटक ग्राम में बने 124 कॉटेज भी कम पड़ रहे हैं। पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधा देने तथा जंगल भ्रमण के लिए गाइड और जिप्सी गाड़ी मुहैया कराने के लिए स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।
वन मंडलाधिकारी बलौदाबाजार वन मंडल एसएस बड़गैय्या ने बताया कि पर्यटन वनग्राम में कॉटेजों के बीच एक सुंदर उद्यान विकसित किया जा रहा है। यहां आकर्षक लाइट की व्यवस्था की गई है। चाहे काटेज हो या वनविभाग का कार्यालय या निवास स्थान सभी स्थानों में सौर ऊर्जा आधारित लाइट लगाई गई है। इससे न केवल एसी चलाया जा रहा है बल्कि ट्यूबवेल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बार नवापारा बैरियर के पास एक सौर ऊर्जा से चलने वाली ट्यूबवेल कराकर एक सार्वजनिक प्याऊ तथा स्थानीय बेरोजगार के माध्यम से यहां टी स्टाल लगाने की योजना है। जिससे यहां पर पर्यटकों को शुद्ध पेयजल तथा चाय मिल सकेगी। कैंटीन में सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। बाहर इस तरह की सुविधा नहीं होने से चाय पानी के लिए पर्यटकों को कैंटीन तक जाना पड़ता है। अब उन्हें यह बैरियर में ही उपलब्ध हो जाएगा।
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