छत्तीसगढ़ में कुपोषण दर 32 से घटकर 29.8 प्रतिशत : मंत्री

रमशिला साहू बुधवार को यहां राष्ट्रीय पोषण आहार सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि बच्चों के अलावा गर्भवती माताओं को भी कुपोषण से बचाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हंै। इसके लिए महतारी जतन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत आगंनबाड़ी केन्द्रों में उन्हें सप्ताह में छह दिन गर्म और ताजा भोजन दिया जा रहा है। स्थानीय नवीन विश्राम भवन के सभाकक्ष में आयोजित पोषण आहार सप्ताह के समापन समारोह में प्रदेश के सभी जिलों के आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने अपने जिले में गर्भवती महिला एवं बच्चों को दिए जाने वाली पोषक आहार की जानकारी दी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री साहू ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में 3 साल या उससे कम आयु के बच्चों पर विशेष ध्यान देने से पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष छत्तीसगढ़ में कुपोषण की दर में काफी कमी आई है। कार्यक्रम में यूनीसेफ के डॉ. अवनेर डेनियल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से संतुलित पोषक आहार के महत्व को बताया। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह हर वर्ष एक सितंबर से सात सितंबर तक मनाया जाता है, जिससे राज्य को कुपोषण से मुक्ति दिलाई जा सके और एक स्वस्थ राज्य के साथ-साथ स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण हो सके।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक डॉ. संजय अलंग सहित विभागीय अधिकारी और सभी जिलों के आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक उपस्थित थे।

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