रायपुर, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी शुक्रवार को जनजातीय क्षेत्रों के कांग्रेस विधायकों और आदिवासी नेताओं को लेकर राजभवन पहुंचे। राज्यपाल से मिलकर विधायकों ने अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए चलाए जा रहे स्कूलों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलयन करने का विरोध किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने शासन पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में पहले 33 सीटें एसटी विधायकों के लिए आरक्षित थीं, जिन्हें घटाकर 28 कर दिया गया है। साथ ही कहा कि आदिवासी मंत्रणा समिति के अध्यक्ष पद पर रमन सिंह बैठे हुए हैं, जबकि यह पद आदिवासी नेता को मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि पिछले दिनों राज्य शासन ने एक फैसला लिया था जिसके तहत आदिम जाति विभाग और नगरीय निकायों के अधीन संचालित स्कूलों को शिक्षा विभाग में शामिल किया गया था। इन स्कूलों के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। शासन के इस फैसले का आदिवासी समाज द्वारा विरोध किया जा रहा है।
आदिवासी नेता का कहना है कि शासन के इस फैसले से प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा पर विपरीत असर पड़ेगा। उनका कहना है कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में संविधान के अनुच्छेद 15(4) के मुताबिक अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए अलग से स्कूल संचालित करने का प्रावधान है।
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