रायपुर, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सोमवार को हुए दो नक्सली हमलों में देश ने बीएसएफ के एक जवान और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के चार जवानों को खो दिया। नक्सलियों ने राज्य में 58 घंटों के दौरान चौथे हमले को अंजाम दिया, चार हमलों में कुल 12 जवान शहीद हो गए और दर्जनों घायल हो गए।
छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दिनों से नक्सलियों का उत्पात जारी है। शनिवार को सुबह 9-10 बजे के आसपास पिडमेल के जंगल में हुई मुठभेड़ में 7 जवान शहीद हुए थे और 11 जवान घायल हुए थे।
रविवार को कांकेर में नक्सलियों ने माइनिंग कंपनी की 18 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था। रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात कांकेर के पखांजुर में नक्सलियों ने बीएसएफ कैम्प में हमला कर दिया, जिसमें बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था।
नक्सलियों ने सोमवार को दंतेवाड़ा और कांकेर में हमले किए। दंतेवाड़ा के किरंदुल पुलिस थाने के तहत चोलनार-किरंदुल रोड पर एक पुलिस के बारूदी सुरंग-रोधी वाहन को विस्फोट से उड़ा दिया। हमले में एक जवान घटनास्थल पर ही शहीद हो गया। विस्फोट में जख्मी हुए 11 जवानों में से तीन की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इस हमले में अलाउद्दीन खान, लल्लूराम प्रधान, जयप्रकाश पासवान और ड्राइवर शिवा कश्यप शहीद हुए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सलियों को काबू में करने की क्षमता राज्य सरकार के पास नहीं है। मुख्यमंत्री जब तक रमन सिंह हैं, इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता। रमन केवल फूल चढ़ाना जानते हैं।
बताया जा रहा है कि विस्फोट में 50 किलो आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। जिस वाहन को उड़ाया गया, उसमें करीब 12 जवान सवार थे। वे तलाशी अभियान से लौट रहे थे। जवान चोलनार कैम्प के पास पहुंचे ही थे कि 60-70 की संख्या में नक्सली आए और विस्फोट कर दिया। विस्फोट के बाद वे जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे और जवानों से हथियार लूटने की कोशिश भी की। पास ही कैम्प होने की वजह से बैकअप टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जवाबी फायरिंग की। काफी देर तक चली फायरिंग के बाद नक्सली भाग गए।
दंतेवाड़ा के एसपी कमल लोचन कश्यप ने कहा कि फायरिंग थम गई है और अब इलाके में तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
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