इंफाल, 13 जून (आईएएनएस)। मणिपुर में पांच छात्रों की बिना शर्त रिहाई के बाद 48 घंटों की हड़ताल टल गई है। मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे छात्रों की इस गिरफ्तारी पर सवाल खड़े हुए थे।
कांग्लीपाक स्टूडेंट्स एसोसिएशन (केएसए) ने आयोडीन युक्त नमक के डीलर राजेश कुमार यादव को इंफाल में 27 मई को मिलावट करते पकड़ा था।
इंफाल के कीशमपात में एक होटल का संचालन करने वाले उसके भाई रजत प्रसाद यादव को भी मामले में लिप्त पाया गया।
जब दोनों को संवाददाताओं के सामने पेश किया जा रहा था, तब पुलिस ने छापेमारी की और केएसए के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, दोनों भाइयों को छोड़ दिया।
इसके बाद, व्यापारियों को रिहा करने और छात्रों को गिरफ्तार करने में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे।
केएसए ने कहा, “एक राजनीतिज्ञ ओकराम हेनरी ने हमसे कहा कि चूंकि व्यापारी उनके मतदाता हैं, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।”
हेनरी ने इसका खंडन किया है।
केएसए के समर्थकों को रिहा करने के लिए आंदोलन चल रहे थे। प्रदेश के गृहमंत्री गैखंगम ने सोमवार को उन्हें रिहा करने को लेकर सहमति जताई।
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