आइजोल, 17 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक छात्र की कथित तौर पर पुलिस गोलीबारी में हुई मौत को लेकर मिजोरम सरकार से चार सप्ताह के भीतर एक रपट सौंपने के लिए कहा है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, “आयोग ने मीडिया में आई इन खबरों का स्वत: संज्ञान लिया है कि चार अगस्त को हुई पुलिस गोलीबारी में एक छात्र मारा गया था।”
अधिकारी ने बताया, “आयोग ने इस बात का संज्ञान लिया है कि यह घटना गोलीबारी के शिकार नौजवान के मानवाधिकारों के बारे में कई सवाल खड़े करती है। “
मीडिया रपट के मुताबिक, 300 प्रदर्शनकारी दक्षिण मिजोरम के चांगटे थाने के सामने जमा हुए थे। ये लोग चकमा स्वायत्त जिला परिषद (सीएडीसी) में 100 कर्मचारियों की भर्ती में घपलेबाजी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे थे।
मिजोरम चकमा स्टूडेंट यूनियन के आह्वान पर जुटे प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने गोली चलाई थी, जिसमें 20 साल के आगोश चकमा की मौत हो गई थी।
इसके बाद बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने कई नेताओं के घरों में तोड़फोड़ की थी। इनमें सीएडीसी के कार्यकारी सदस्य बुद्धलाल चकमा और कई अन्य सदस्यों के घर भी शामिल थे।
बाद में सीएडीसी ने मृत छात्र के घरवालों को 10 लाख रुपये की मदद दी। साथ ही सीएडीसी में भर्ती की प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने की घोषणा की।
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