नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। जनजातीय कला और शिल्प को प्रोत्साहन देने वाले जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अधीन आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ट्राईफेड ने बाजार तक पहुंचाने के लिए नए कदम उठाए हैं। इनमें फ्रेंचाइजी आउटलेट के जरिए बिक्री योजना प्रमुख रूप से शामिल है। इसके तहत ट्राईफेड फ्रेंचाइजी जरूरत के मुताबिक माल देगा और फ्रेंचाइजी ट्राईफेड द्वारा तय किए गए खुदरा मूल्य पर उत्पादों को बेचेगा।
कंपनी की तरफ से यहां जारी बयान के अनुसार, ट्राईफेड ने जनजातीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने की योजना तैयार की है, जिसके तहत कई कदम उठाए जा रहे हैं। ट्राईफेड हस्तनिर्मित उत्पादों को बेचने के लिए आउटलेट खोलने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए नई दिल्ली के 9, महादेव मार्ग पर ‘ट्राइब्स-इंडिया’ नामक आउटलेट खोला गया है।
बयान के अनुसार, देशभर में इस तरह के 42 खुदरा आउटलेट खोले गए हैं, जिसमें से 29 ट्राईफेड के अपने हैं और 13 आउटलेट राजस्तरीय संगठनों के सहयोग से चलाए जा रहे हैं। इन आउटलेटों में जनजातीय धातु-शिल्प, कपड़े, जनजातीय आभूषण, जनजातीय चित्रकारी, बेंत और बांस के उत्पाद, टेराकोटा और पत्थर के बर्तन, जैविक और प्राकृतिक खाद्य उत्पाद उपलब्ध हैं।
बयान में कहा गया है कि ट्राईफेड प्रदर्शनियों और जनजातीय हस्तशिल्प मेलों का भी आयोजन कर रहा है। इनमें आदिशिल्प और आदिचित्र प्रमुख हैं। आदिचित्र प्रदर्शनी का आयोजन 2010 से किया जा रहा है, जिनमें मध्यप्रदेश की गोंड, ओडिशा की सावरा, महाराष्ट्र की वर्ली और गुजरात की पिथोरा चित्रकारी के प्रदर्शन और बिक्री की व्यवस्था की जाती है। इसी प्रकार भारत व्यापार संवर्धन संगठन और हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के जरिए अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भी ट्राईफेड भाग लेता है।
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