उदयपुर, 21 फरवरी (आईएएनएस)। जमीनी स्तर पर फुटबाल के विकास के लिए वेदांता ग्रुप को सम्मानित किया गया है। विश्व सीएसआर दिवस पर ईटी नाओ द्वारा आयोजित सीएसआर अवार्ड्स में वेदांता ग्रुप को स्पोर्ट्स डेवलपमेंट के लिए पुरस्कृत किया गया है।
वेदांता ग्रुप ने उदयपुर में जिंक फुटबाल और गोवा में सेसा फुटबाल अकादमी के माध्यम से भारतीय फुटबाल के विकास में असीम योगदान दिया है और उसके इसी योगदान को सम्मान मिला है। अपनी दोनों अकादमियों में वेदांता ग्रुप का ध्यान युवाओं के सामाजिक, आर्थिक विकास, महिला सशक्तीकरण और स्वस्थ जीवन पर है।
जिंक फुटबाल के पूरे राजस्थान में 64 सेंटर हैं, जहां वह अनुभवी और योग्य प्रशिक्षकों के माध्यम से 2500 बच्चों को फुटबाल की ट्रेनिंग देते हैं। इसका मुख्य केंद्र उदयपुर के पास जावर में हैं, जहां रेसिडेंसियल अकादमी बनाई गई है। इस अकादमी में विश्व स्तरीय सुविधाएं, विश्व स्तरीय तकनीक मौजूद हैं। इस समय इस अकादमी में 32 बच्चों के पहले बैच को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यह सभी 14 साल तक के हैं।
वहीं, गोवा स्थित सेसा फुटबाल अकादमी की शुरूआत 1999 में हुई थी। यह अकादमी युवा खिलाड़ियों को पेशेवर खिलाड़ियों के तौर पर तैयार कर रही है। गोवा में इसकी दो रेसिडेंसियल अकादमियां हैं, जो देश के अलग-अलग कोने से आए 70 लड़कों को प्रशिक्षित कर रही हैं। अकादमी 250 बच्चों को भी ट्रेनिंग दे रही है लेकिन यह अकादमी के रेसिडेंसियल नहीं हैं। इसके अलावा यह अकादमी गोवा के 16 गांवों के 500 बच्चों को वेदांता फुटबाल स्कूल के माध्यम से भी ट्रेनिंग दे रही है।
वेदांता फुटबाल प्रोजेक्ट के अध्यक्ष अन्नय अग्रवाल ने कहा, “हमें इस उपलब्धि पर गर्व है और मैं इसके लिए वल्र्ड सीएसआर दिवस का शुक्रिया करता हूं। वेदांता ग्रुप में बीते वर्षों में खेल के विकास के लिए जो कदम उठाए हैं उनके लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। इस तरह का सम्मान हमें और मेहनत करने तथा फुटबाल के माध्यम से युवाओं का विकास करने के लिए प्रेरित करता है। हम भारत में फुटबाल को जिंदा रखेंगे और खिलाड़ियों को जमीनी स्तर पर बनाने का काम करते रहेंगे।”
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