जमीन और पानी दोनों पर उतर सकता है यह विमान

नई दिल्ली, 10 दिसम्बर (आईएएनएस)। किफायती विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने शनिवार से मुंबई के गिरगांव चौपाटी पर ‘सीप्लेन’ का परीक्षण किया। यह एक ऐसा विमान है जो हवाई अड्डे के साथ ही समुद्र से भी उड़ान भर सकता है या उतर सकता है।

इस विमान का निर्माण जापान की सेटोची होल्डिंग्स की स्वामित्व वाली अमेरिका स्थित क्वेस्ट एयरक्राफ्ट कंपनी करती है, जिसकी बिक्री ‘क्वेस्ट कोडिएक’ ब्रांड नाम के तहत की जाती है। यह विमान वैसे क्षेत्रों के लिए खासतौर से उपयोगी है, जहां हवाई अड्डे की सुविधा नहीं है।

इस विमान का निर्माण मुख्य तौर से उपभोक्ता सेवाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया था जिसमें माल ढुलाई, फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव, एंबुलेस सेवा शामिल है। इसलिए इस विमान की सीटों को इस प्रकार बनाया जाता है कि जरूरत पड़ने पर उसे आसानी से निकाल कर सामान या अन्य चीजें रखने की जगह बनाई जा सके।

इस विमान में 10 से 12 लोग बैठ सकते हैं या जरूरत पड़ने पर सीटों की संख्या कम कर सामान रखने की जगह बढ़ाई जा सकती है। यह विमान एक बार में लगातार 5.8 घंटों से लेकर 8.4 घंटों तक उड़ान भर सकता है, जो कि विमान में यात्रियों और सामान के वजन पर निर्भर करता है। इस विमान की अधिकतम गति 339 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस विमान की अधिकतम रेंज 2,096 किलोमीटर तथा 12,000 फीट की ऊंचाई है।

यह विमान अधिकतम 3,290 किलोग्राम का भार ढो सकत है, हालांकि सामान्य परिचालन में 1,603 किलोग्राम भार होना चाहिए। इस विमान का (खाली अवस्था में) वजन 1,710 किलोग्राम है। एक इंजन वाले इस विमान की क्षमता टेकऑफ के दौरान 750 एचपी तथा परिचालन के दौरान 700 एचपी की है। इस विमान को चलाने के लिए केवल एक पायलट की जरूरत होती है।

एयरलाइन ने कहा कि ये परीक्षण जापान की सेटोची होल्डिंग्स के साथ मिलकर किए जा रहे हैं और “दोनों कंपनियां मिलकर पिछले छह महीनों से छोटे 10 और 12 सीटों वाले पानी और जमीन पर उतरने वाले विमानों का परीक्षण कर रही हैं,” ताकि छोटे शहरों में भी हवाई यात्रा मुहैया कराई जा सके।

सेटोची होल्डिंग्स क्वेस्ट ब्रांड के तहत पानी में और जमीन पर उतरने वाले विमानों का निर्माण करती है। दुनिया भर में पिछले 10 सालों से करीब 200 कोडियक क्वेस्ट विमान उड़ रहे हैं।

इस बारे में स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने बताया, “सीप्लेन के परिचालन से देश के दूरदराज के क्षेत्रों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। इससे वहां हवाईअड्डे और रनवे बनाने की भारी लागत की बचत होगी।”

उन्होंने कहा, “हम दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते उड्डयन बाजारों में से एक हैं, हमें देश के भीतर समान और समावेशी हवाई संपर्क मुहैया कराने की जरूरत है। हमारी सीप्लेन सेवा एयरलाइन और पर्यटन उद्योग दोनों के लिए एक नया बाजार खोलेगा और क्षेत्रीय संपर्क योजना में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगा।”

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