श्रीनगर, 25 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण बढ़ी बाढ़ की आशंका गुरुवार शाम तक कम होने की उम्मीद है।
दक्षिण तथा मध्य कश्मीर के निचले इलाकों के जलमग्न होने और विभिन्न इलाकों में झेलम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने तथा 2014 जैसी बाढ़ की आशंका के मद्देनजर राज्य सरकार ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी की वजह से झेलम किनारे रहने वाले लोगों में डर बैठ गया है।
स्थानीय मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने आईएएनएस को बताया, “मौसम साफ होना शुरू हो गया है। हमें अगले दो से तीन दिनों में बारिश होने की उम्मीद नहीं है। विषम मौसम परिस्थितियां कमजोर पड़ने लगी हैं। घबराने की कोई बात नहीं है।”
उन्होंने कहा, “मुझे फिलहाल बाढ़ का खतरा कम होता नजर आ रहा है, क्योंकि बारिश कम हो गई है। मौसम में कल सुबह तक सुधार होने की संभावना है।”
झेलम नदी का जलस्तर गुरुवार सुबह 10.30 बजे अनंतनाग जिले में संगम पर खतरे के निशान से ऊपर 27.10 फुट और श्रीनगर शहर में राम मुंशीबाग में खतरे के निशान से ऊपर 20.30 फुट दर्ज किया गया।
दक्षिण कश्मीर में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने जलभराव वाले इलाकों पर तुरंत प्रशासन द्वारा ध्यान दिए जाने की मांग को लेकर कटसू में मार्ग अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया।
कुलगाम जिले में वेसु नल्लाह नदी आज सुबह अपने तटों को लांघ गई, जिससे कुछ पुलों, सड़कों और धान की फसल को नुकसान पहुंचा।
प्रांतीय प्रशासन के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “कुलगाम जिले के निचले इलाकों से 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और अनंतनाग रेलवे स्टेशन पर भेज दिया गया है।”
कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर भी पुलवामा जिले में चेर्सू अवंतीपोरा गांव के पास पानी भर गया है।
राज्य सरकार ने प्रशासन को काम पर लगा दिया है और बाढ़ विभाग को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
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