जम्मू, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू एवं कश्मीर में शांति एवं विकास के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और राज्य के दिवंगत मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद को मंगलवार को यहां याद किया।
मोदी ने यहां एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संभवत: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जितना कोई भी जम्मू एवं कश्मीर से भावनात्मक रूप से नहीं जुड़ा हुआ है।
मोदी ने यहां कटरा के पास काकरयाल में श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा स्थापित एक खेल परिसर और एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद कहा, “जम्मू एवं कश्मीर के विकास और शांति के लिए उनका इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत का नारा हमारे लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।”
मोदी ने सईद को भी याद किया और कहा कि राज्य के लोगों को तीव्रगति से चौतरफा विकास की जरूरत है, जिसका सपना दिवंगत मुख्यमंत्री मुफ्ती जी ने देखा था।
मुफ्ती का जनवरी 2016 में दिल्ली में निधन हो गया था।
मोदी ने कहा, “हम मुफ्ती साहब को याद करते हैं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई वर्ष गुजारे। उनका लंबा राजनीतिक जीवन था। उनके दिमाग में एक चीज हमेशा रहती थी और वह यह कि उन्हें जम्मू एवं कश्मीर के बीच मनोवैज्ञानिक एवं भौतिक दूरियों को कम करना है।”
मोदी का जम्मू दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब कश्मीर घाटी का कुछ हिस्सा पिछले कई दिनों से अशांति में उलझा हुआ है। सुरक्षाबलों औ प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्षो पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
हंदवाड़ा में सेना के एक जवान द्वारा नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ छेड़छाड़ की अफवाह के बाद उपजे विवाद पर मोदी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, छात्रा ने इस तरह के आरोपों का खंडन किया, और सेना ने भी इस घटना से इंकार किया। लेकिन हिंसा फिर भी फैलती गई।
मोदी ने स्वास्थ्य एवं खेल परिसरों के उद्घाटन के बाद राज्य के युवाओं से आग्रह किया कि उन्हें कुछ बनने का नहीं, बल्कि कुछ करने का सपना देखना चाहिए। इसके साथ ही युवाओं से खेलकूद में हिस्सा लेने का भी उन्होंने आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हो, लेकिन यह मेरी प्रार्थना है कि अधिक लोगों को खेल परिसरों में होना चाहिए ताकि वे अस्पताल से दूर रहें।”
महबूबा मुफ्ती के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह मोदी की पहली जम्मू एवं कश्मीर यात्रा है।
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