समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार सुरक्षा व रक्षा पर रूस परिषद समिति के अध्यक्ष विक्टर ओजेरॉव ने कहा, “अगर वे अपने फैसले पर आगे बढ़ते हैं, तो रूस इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (आईएनएफ) समझौते से बाहर निकलने पर मजबूर हो सकता है।”
इससे पहले दिन में क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्रि पेस्कॉव ने कहा कि तैनाती योजना बनाई जा चुकी है। यह यूरोप में रणनीतिक असंतुलन को बढ़ावा देगा और महाद्वीप में तनाव पैदा करेगा, जिसके परिणाम स्वरूप रूस को स्वाभाविक रूप से प्रतिक्रियात्मक उपाय करने पड़ेंगे।
जर्मन मीडिया की गुरुवार की रपट के मुताबिक, अमेरिका पश्चीमी जर्मनी के बुचेल सैन्य एयरबेस पर अगली पीढ़ी के 20 बी61-12 परमाणु बमों की तैनाती करेगा। जर्मनी के रक्षा मंत्रालय ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
आईएनएफ समझौते पर 1987 में500-5,500 किलोमीटर दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को खत्म करने के लिए किया गया था।
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