जलवायु परिवर्तन पर भारत, चीन के साथ काम करेगा अमेरिका

वाशिंगटन, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिका ने कहा है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक महत्वाकांक्षी जलवायु परिवर्तन समझौते के लिए भारत, चीन के साथ काम करने की इच्छा जाहिर की है।

मोदी ने सोमवार को पेरिस में जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन में कहा था कि जलवायु परिवर्तन के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है।

अमेरिका के राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने पेरिस में संवाददाताओं से कहा कि सोमवार को जलवायु परिवर्तन सम्मेलन से अलग मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ओबामा की बैठक काफी निर्णायक रही है।

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ओबामा अपनी बैठकों से यह संकेत देना चाहते हैं कि चीन और भारत के साथ अमेरिका पेरिस में एक महत्वाकांक्षी समझौते पर आगे बढ़ने का इच्छुक है।”

रोड्स ने कहा कि अमेरिका ने पिछले सात सालों के दौरान इस दिशा में वैश्विक प्रयास में मदद की है। हमें चीन और भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं सहित पूरे विश्व को एकजुट करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “यह सच्चाई जानते हुए कि ये अधिक कार्बन उत्सर्जन के स्रोत हैं। हमने इस अवधि के दौरान यह महसूस किया कि चीन और भारत को इस समस्या के समाधान का हिस्सा बनने की जरूरत है।”

रोड्स ने कहा, “जलवायु परिवर्तन पर महत्वाकांक्षी समझौते के लिए प्रधानमंत्री मोदी की ओबामा के साथ बचनबद्धता के बारे में आपने सुना ही होगा।”

ओबामा ने मोदी के साथ बैठक में कहा कि वह भलीभांति समझते हैं कि चाहे भारत हो या फिर कोई अन्य विकासशील देश, विभिन्न देश अपने नागरिकों को गरीबी से बाहर निकालने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

रोड्स के मुताबिक, “लाखों भारतीय बिजली के बिना जीवनयापन कर रहे हैं। भारत की महत्वाकांक्षी विकास नीति के साथ ही हम महत्वाकांक्षी जलवायु परिवर्तन समझौते पर आगे बढ़ सकते हैं। या फिर हम जलवायु और विकास चुनौतियां, दोनों को पूरा करने के लिए विभिन्न समाधानों को भी जारी रख सकते हैं।”

मोदी ने बाद में ओबामा के साथ अमेरिकी मिशन इनोवेशन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। रोड्स ने कहा कि इसे भारत और अन्य देशों की ओर से बुनियादी अनुसंधान में निवेश के बारे में दी जा रही मदद का पता चलता है।

रोड्स ने कहा, “इसलिए पेरिस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ जलवायु समझौते को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई गई।”

इन दोनों बैठकों में ओबामा ने स्पष्ट रूप से कहा कि विश्वभर में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और गरीबी से लोगों को बाहर निकालने के लिए सतत आर्थिक विकास को जारी रखना प्रतिस्पर्धी लक्ष्य नहीं हैं।

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