इस्लामाबाद, 8 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई को लेकर अंतर्राष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में तदर्थ (एडहॉक) न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए गुरुवार को तीन नामों की सिफारिश करेगा। मीडिया की एक रिपोर्ट से इसकी जानकारी मिली।
पाकिस्तान के महान्यायवादी अशरफ औसाफ अली के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अदालत के समक्ष नाम पेश करेगा।
मामले में भविष्य की कार्यवाही पर चर्चा के लिए गुरुवार को आईसीजे के अध्यक्ष रॉनी अब्राहम के साथ भारत तथा पाकिस्तान के ‘एजेंटों’ की बैठक होगी।
दुनिया न्यूज की रपट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च अदालत में पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) नसीरुल मुल्क व तस्सदुक हुसैन जिलानी तथा पूर्व महान्यायवादी मखदूम अली की तदर्थ न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की सिफारिश की जाएगी।
आईसीजे के साथ मुलाकात करने वाले पाकिस्तानी दल में दक्षिण एशिया मामलों के अटॉर्नी जनरल एंड डायरेक्टर जनरल (डीजी) डॉ. फैसल भी शामिल हैं।
समाचार पत्र के मुताबिक, आईसीजे से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान के वकील खावर कुरैशी तथा दो वरिष्ठ वकील भी हैं।
जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाने की मांग को लेकर भारत ने पिछले महीने आईसीजे का रुख किया था।
पाकिस्तान के वकील खावर कुरैशी ने दोहराया कि आतंकवादियों को दंडित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है। कुरैशी ने अदालत से कहा कि मुद्दा पाकिस्तान की राष्ट्रीय स्थिरता के इर्द-गिर्द घूमता है और इस तरह के मामलों में आईसीजे को फैसला देने का कोई अधिकार नहीं है। पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कभी पीछे नहीं हटेगा और आतंकवाद के लिए जिम्मेदार लोग उसके दृढ़ संकल्प से उसे डिगा नहीं सकते।
कुरैशी ने कहा कि भारत ने स्वीकार किया है कि जाधव उसका नागरिक है।
जाधव को जासूसी तथा आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में दोषी ठहराते हुए पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है।
पाकिस्तान ने कहा है कि वह जाधव को तब तक फांसी नहीं देगा, जब तक दया की अपील करने के उसके सारे अधिकार खत्म नहीं हो जाते, जिसमें पाकिस्तान के राष्ट्रपति के समक्ष भी दया याचिका दाखिल करना शामिल है।
कुलभूषण जाधव की सजा के खिलाफ भारत ने आठ मई को आईसीजे में अपील की। अगले दिन मामले की सुनवाई करते हुए आईसीजे ने मामले में अंतिम फैसला आने तक जाधव की सजा पर रोक लगाने का पाकिस्तान को आदेश दिया।
पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके सुरक्षा बलों ने बीते साल तीन मार्च को जाधव को अशांत बलूचिस्तान में गिरफ्तार किया, जबकि भारत का कहना है कि उसे ईरान में अगवा किया गया था।
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