टोक्यो, 9 अगस्त (आईएएनएस)। जापानी सम्राट अकिहितो ने दिसंबर 2015 में ही अपने 82वें जन्मदिन पर पद त्यागने की इच्छा जाहिर की थी। इम्पीरियल हाउसहोल्ड एजेंसी ने यह जानकारी मंगलवार को दी।
समाचार एजेंसी क्योदो के मुताबिक, हालांकि इस घोषणा में देरी की वजह आवश्यक तैयारियों के कमी रही।
अंतत: सम्राट ने सोमवार को अपने टेलीविजन संदेश के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। इसमें उन्होंने अपने स्वास्थ्य और अधिक उम्र की वजह से खुद की जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से नहीं निभा पाने की बात कही और पद त्यागने के संकेत दिए।
पिछले कुछ सालों से स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से अकिहितो को अपनी कुछ जिम्मेदारियां अपने 56 साल के बड़े पुत्र युवराज नारुहितो को देनी पड़ी।
हालांकि अपने दस मिनट के सोमवार को दिए राष्ट्र संबोधन में सम्राट ने सीधे तौर पर अपने पद त्यागने के संदर्भ में किसी योजना के जिक्र करने और या इसके कब तक होने की संभावना है, के बारे में कुछ भी कहने से बचे। इस तरह के बयान को जापानी संविधान का उल्लंधन माना जा सकता है।
समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, इम्पीरियल हाउसहोल्ड एजेंसी और जापानी कैबिनेट के स्रामाट के इस्तीफे के लिए साथ मिलकर कार्य करने की उम्मीद है, जिसके लिए विधायी परिवर्तन जरूरी होगा।
वर्तमान में इम्पीरियल हाउसहोल्ड के उत्तराधिकार के नियमन के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इसके लिए संशोधन की जरूरत होगी या एक विशेष कानून की, जिसके द्वारा पद त्याग करने की सुविधा मिल सके।
अपने 82वें जन्मदिवस के मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अकिहितो ने अपनी उम्र ज्यादा होने की बात स्वीकारी।
साल 2012 में सम्राट अकिहितो की कोरोनरी बाईपास सर्जरी और 2003 में प्रोस्टेट कैंसर का ऑपरेशन किया गया था।
उन्हें सुझाई गई हार्मोन उपचार प्रणाली की वजह से बाद में सम्राट को आस्टियोपोरोसिस का सामना करना पड़ा। साल 2008 में उन्हें पेट में रक्तस्राव का सामना करना पड़ा।
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