नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। सरकार देश भर में राजमार्ग परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने वाले 1,600 अरब डॉलर के एक वित्तीय संस्थान के गठन पर तेजी से काम कर रही है, जिसमें जापान सरकार की 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दी है, जिन्होंने बताया कि इस योजना का मकसद रोजाना 30 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य हासिल करना है।
नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। सरकार देश भर में राजमार्ग परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने वाले 1,600 अरब डॉलर के एक वित्तीय संस्थान के गठन पर तेजी से काम कर रही है, जिसमें जापान सरकार की 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दी है, जिन्होंने बताया कि इस योजना का मकसद रोजाना 30 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य हासिल करना है।
केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने अपने मंत्रालय के एक साल के काम-काज की समीक्षा के दौरान आईएएनएस से कहा, “हमारी वार्ता जारी है। यह आखिरी चरण में है। हम विदेशी निवेश जुटाने की कोशिश कर रहे हैं और निवेशक इसमें रुचि ले रहे हैं। वे इस क्षेत्र में निवेश करने में फायदा देख रहे हैं।”
मंत्री ने कहा कि वित्तीयन संस्थान पर्यावरण और नियामकीय मंजूरी जुटाने का भी काम करेगा।
उन्होंने कहा, “हम पेंशन, एंडोमेंट, बीमा और प्राइवेट फंड से भी निवेश जुटाने के लिए वार्ता कर रहे हैं। हम पूरी दुनिया के निवेशकों से बात कर रहे हैं। हम उन्हें बता रहे हैं कि नियामकीय व्यवस्था में अब बदलाव किया गया है। अब फायदे की संभावना अधिक है।”
गडकरी ने कहा, “हम चाहते हैं कि पहले से जारी और भावी प्रत्येक राजमार्ग परियोजना समय पर पूर्ण हो।” उन्होंने कहा कि 62 लंबित राजमार्ग परियोजनाओं को जून के आखिर तक फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
गडकरी ने बताया कि जब वे पिछले वर्ष मंत्री बने थे, तब सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल के तहत 240 परियोजनाएं थीं। उनमें से 186 परियोजनाएं अवरुद्ध हैं। इनमें से 44 को समाप्त कर दिया गया है, 80 को फिर से शुरू किया गया है और शेष जून तक शुरू हो जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष गडकरी ने अपने आवास पर आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में इस आलोचना को खारिज कर दिया कि सड़क निर्माण का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार भी लक्ष्य पूरा नहीं कर पाई थी।
मंत्री ने कहा, “हम मार्च की स्थिति के मुताबिक अभी रोजाना 12 किलोमीटर सड़क बना रहे हैं। इसे इस महीने के आखिर तक बढ़ाकर 14 किलोमीटर कर दिया जाएगा। इसे आखिरकार बढ़ाकर 30 किलोमीटर प्रति दिन किया जाएगा। यह लक्ष्य हम निश्चित रूप से अगले साल मई तक हासिल कर लेंगे।”
गडकरी ने कहा, “हम मौजूदा कारोबारी साल में करीब 15 हजार किलोमीटर सड़क का ठेका दे देना चाहते हैं।” उन्होंने बताया कि हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की हुई बैठक में वित्त जुटाने की एक बड़ी बाधा दूर कर दी गई है।
वे राजमार्ग परियोजनाओं के लिए परियोजना से बाहर निकलने की नीति और पैसे की कमी के कारण अवरुद्ध परियोजनाओं में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को हस्तक्षेप करने का अधिकार दिए जाने की ओर इशारा कर रहे थे।
गडकरी ने कहा कि ऐसा महसूस किया गया कि सड़क क्षेत्र में पीपीपी परियोजनाओं के लिए उम्मीद के मुताबिक बोली नहीं मिल रही थी और इसका एक कारण बोलीदाताओं के पास धन की कमी था।
परियोजना से बाहर निकलने की नीति के तहत वे परियोजना पूर्ण होने के दो साल बााद अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच सकते हैं और उस राशि को अपनी किसी अन्य अवरुद्ध परियोजना में निवेश कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि इससे बाजार में 4,500 करोड़ रुपये की पूंजी आ सकेगी और इससे 1,500 किलोमीटर राजमार्ग के निर्माण को सहायता मिल सकती है।
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