नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। विश्व और देश में बढ़ती जालसाजी और इससे निपटने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका को लेकर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और यूरोपीय संघ मिलकर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन करने जा रहे हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन 13 और 14 मार्च को नई दिल्ली में होगा।
जालसाजी के मामलों में तेजी से वृद्धि का विश्व भर में असर पड़ा है। जालसाजी के कारण न केवल निर्माताओं और आईपी मालिकों को ब्रांड मूल्य, प्रतिष्ठा और ख्याति का नुकसान हुआ है बल्कि उन्हें राजस्व की हानि के कारण भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रवर्तन एजेंसियां जैसे पुलिस, कस्टम और अभियोजन शाखा की देश में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों को प्रभावी तरीके से लागू करने में प्रमुख भूमिका है। आईपीआर और जालसाजी के खतरों के बारे में एजेंसियों के अधिकारियों के बीच जागरूकता पैदा करके प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है, साथ ही रोजमर्रा की गतिविधियों में जाली उत्पादों से जुड़े मामलों से निपटने में उनकी सहायता की जा सकती है।
यह सम्मेलन जालसाजी के खतरे से निपटने के संबंध में अधिकारियों को अपने अनुभव बांटने तथा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक मंच प्रदान करने के रूप में कार्य करेगा। सम्मेलन में प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के अलावा, अनेक आईपी पेशेवर, वकील, ई-कॉमर्स, साझेदार और उद्योग एसोसिएशनों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
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