द हेग, 15 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने सोमवार को भारत के कथित जासूस कुलभूषण जाधव की मौत की सजा टालने के लिए भारत द्वारा अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के हस्तक्षेप के प्रयास को यह कहकर खारिज कर दिया कि वियना संधि जासूसों, आतंकवादियों और जासूसी में संलिप्त व्यक्तियों पर लागू नहीं होती।
आईसीजे के समक्ष भारत के मामले को खारिज करते हुए पाकिस्तान के वकील खवर कुरैशी ने जोर देकर कहा कि यह न तो फौजदारी अदालत है और न ही यह फौजदारी के मामलों पर सुनवाई करती है।
भारतीय वकील हरीश साल्वे की दलीलों का पाकिस्तान के वकील कुरैशी ने लगभग 45 मिनट में जवाब दिया।
कुरैशी ने कहा, “भारत वियना संधि के अनुच्छेद 36 के तहत कार्यवाही चाहता है, लेकिन इस मामले में यह प्रासंगिक नहीं है। वियना संधि दो मैत्रीपूर्ण देशों के बीच बातचीत को बेहतर करने के लिए अपनाई गई। लेकिन एक देश द्वारा दूसरे देश में भेजे गए जासूस के इस मामले में यह संधि लागू नहीं होती।”
कुरैशी ने कहा, “साफ है कि भारत वियना संधि के जिस अनुच्छेद 36 के तहत सुनवाई चाहता है, उस पर इस अदालत में सुनवाई नहीं हो सकती।”
पाकिस्तान द्वारा अपना पक्ष रख लेने के बाद आईसीजे के अध्यक्ष रॉनी अब्राहम ने घोषणा की कि अदालत जल्द ही इस मामले पर अपना फैसला सुनाएगी।
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