नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था जीएसटी के लिए आईटी ढाचा तैयार कर रही कंपनी, वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) कर चोरी की जांच के दायरे में आ गई है।
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था जीएसटी के लिए आईटी ढाचा तैयार कर रही कंपनी, वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) कर चोरी की जांच के दायरे में आ गई है।
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क ब्यूरो (सीबीइसी) के तहत आनेवाला सेवा कर विभाग जीएसटीएन की जांच कर रहा है।
विभाग के एक आकलन अधिकारी ने जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ सम्मन जारी किया है और पूछा है कि वे खुद या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से 22 फरवरी को उपस्थित होकर, कंपनी की बैलेंस शीट, बैंक स्टेटमेंट और आयकर रिटर्न की जानकारी दाखिल करें।
सम्मन में कंपनी से केंद्र द्वारा मिले वित्त और इंफोसिस को किए गए भुगतान का ब्योरा भी मांगा गया है।
जीएसटीएन एक गैर लाभकारी, गैर सरकारी कंपनी है, जिसका गठन 2013 के मार्च महीने में किया गया था। इस कंपनी की 51 फीसदी हिस्सेदारी बैंक और वित्तीय संस्थानों के पास है।
आईएएनएस ने जीएसटीएन से संपर्क किया तो बताया गया, “अप्रत्यक्ष कर की जांच से संबंधित किसी प्रकार का सम्मन हमें प्राप्त नहीं हुआ है।”
हालांकि कंपनी के सूत्रों का कहना है कि यह कंपनी की कर देयता विवरण की पुष्टि करनेवाली शुरुआती जांच है।
सूत्र ने आईएएनएस को बताया, “स्पष्टीकरण के लिए प्राथमिक जांच की जाती है। लेकिन पहले केवल पत्र लिखकर जानकारी मांगी जाती है। संतोषजनक जबाव प्राप्त नहीं होने पर ही सम्मन जारी किया जाता है। ऐसा लगता है कि यह किसी अति उत्साही आकलन अधिकारी का काम है, जिसने पहला कदम उठाने के बजाए सीधे सम्मन भेज दिया, जोकि गलत है।”
उन्होंने कहा कि संभावना है कि सम्मन वापस ले लिया जाएगा और नियमित जांच जारी रहेगी।
वहीं, सीबीएससी के सूत्रों ने बताया कि कंपनी के रिकार्ड की इस मामले में अन्य कंपनियों की तरह ही जांच की जा रही है।
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