जीका संक्रमण से संवेदी तंत्रिकाओं को भी हो सकता है नुकसान

न्यूयार्क, 27 अगस्त (आईएएनएस)। जीका वायरस के संक्रमण से मस्तिष्क संबंधी कई जटिलताएं हो सकती हैं और अब शोधकर्ताओं ने जानकारी दी है कि इस कारण उन संवेदी तंत्रिकाओं को भी नुकसान पहुंच सकता है जो तापमान, दर्द, कंपन और छुअन को त्वचा से महसूस करती है।

जर्नल ऑफ न्यूरोलॉजिकल साइंसेज में प्रकाशित पर्चे में होंडरस, वेनेजुएला और अमेरिका के शोधकर्ताओं के एक समूह ने जीका वायरस के संक्रमण से संवेदी तंत्रिकाओं के नुकसान पहुंचने के मामले का वर्णन किया है।

शोध प्रमुख और यूनिवरसिडाड नेशनल ऑटोनोमा डे होंडरस के मार्को मेडिना का कहना है, “चिकित्सकों को यह पता होना चाहिए कि जीका वायरस के संक्रमण से तंत्रिका तंत्र भी खराब हो जाती है। इसका पता एक मरीज की जांच से चला।”

जीका वायरस के संक्रमण से मस्तिष्क संबंधी जटिलताओं से चिंतित होकर हाल ही में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी कार्यसमूह (डब्ल्यूएफएन) का गठन किया है जो मिलकर काम कर रही है।

जीका वायरस के संक्रमण से प्रभावित लोगों में ज्यादातर में संक्रमण के लक्षण नहीं दिखते हैं या केवल हल्के लक्षण दिखते हैं, लेकिन उनमें संभावित मस्तिष्क संबंधी जटिलताएं बेहद गंभीर हो सकती हैं।

अमेरिका के न्यू ऑरलेयंस स्थित ल्यूसीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी हेल्थ साइंसेज सेंटर के स्कूल ऑफ मेडिसिन के जॉन इंगलैंड का कहना है, “जीका वायरस के संक्रमण से गंभीर मस्तिष्क संबंधी जटिलताएं पैदा हो जाती हैं और इनकी संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।”

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