न्यूयॉर्क, 9 मई (आईएएनएस)। प्रकाश की मदद से एक नए जीन संशोधन विधि के माध्यम से वैज्ञानिक जीन के कार्यो में और पुख्ता तरीके से संशोधन कर सकते हैं। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।
अमेरिका के युनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के शोधकर्ता एलेक्जेंडर डिटर्स ने कहा, “इस नए तरीके से लोग पहले की अपेक्षा और बेहतर तरीके से जीन के संशोधन का काम कर सकेंगे।”
डिटर्स ने कहा, “इस नई विधि के कारण जीन संशोधन में आए सुधार से ‘ऑफ-टारगेट इफेक्ट’ (जीन की अभिव्यक्ति को रोकना) को दूर करने में मदद मिलेगी।”
वैज्ञानिक साल 2013 से ही जीन संशोधन की विधि सीआरआईएसपीआर/सीएएस9 का इस्तेमाल करते आ रहे थे। वहीं नए अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने सीएएस9 में लाइसिन (एमिनो एसीड) का अवशेष पाया, जिसे प्रकाश सक्रिय अनुरूप से बदल दिया गया। वैज्ञानिकों के इसी प्रयोग ने इस नई विधि का ईजाद किया।
यह अध्ययन पत्रिका ‘अमेरिकन केमिकल सोसायटी’ में प्रकाशित हुआ है।
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