जेनेवा, 6 जून (आईएएनएस)। स्विटजरलैंड के शीर्ष उद्यमियों के एक समूह को भारत में निवेश का निमंत्रण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां सोमवार को कहा कि भारत दो-तीन स्विटजरलैंड के बराबर एक अर्थव्यवस्था बनाना चाहता है, जो साझेदारी के लिए एक विशाल अवसर मुहैया कराता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के एक ट्वीट के मुताबिक, मोदी ने एबीबी, लाफार्ज, नोवार्टिस और नेस्ले जैसी कंपनियों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा, “अपने देश के अंदर मुझे दो-तीन स्विटजरलैंड बनाने की जरूरत है, इसलिए साझेदारी की अपरिमित संभावना है।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के एक ट्वीट के मुताबिक, मोदी ने एबीबी, लाफार्ज, नोवार्टिस और नेस्ले जैसी कंपनियों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा, “अपने देश के अंदर मुझे दो-तीन स्विटजरलैंड बनाने की जरूरत है, इसलिए साझेदारी की अपरिमित संभावना है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम वैश्विक मानक वाला निर्माण चाहते हैं। इसलिए कौशल विकास का स्विस मॉडल हमारे लिए बहुत प्रासंगिक है।”

एक अन्य ट्वीट के अनुसार मोदी ने कहा, “भारत सिर्फ 1.25 अरब की आबादी वाला बाजार नहीं है। हमारे पास हुनर है और व्यापार के लिए खुली एक सरकार है।”

स्वरूप ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ गोलमेज बैठक में एबीबी, लाफार्ज, नोवार्टिस, नेस्ले, रिएटर, रोचे सहित स्विटजरलैंड की प्राय: सभी बड़ी कंपनियों के प्रमुख शामिल थे।”

मोदी पांच देशों की अपनी यात्रा के तीसरे चरण में रविवार रात कतर से यहां पहुंचे।

नई दिल्ली से रवानगी के पहले मोदी ने स्विटजरलैंड को यूरोप में भारत का प्रमुख साझेदार बताया था।

प्रधानमंत्री ने कहा था, “जेनेवा में मैं प्रमुख उद्यमियों से मिलूंगा। हमारा एजेंडा आर्थिक एवं निवेश के संबंधों को विस्तार देना होगा। मैं सर्न में काम कर रहे भारतीय वैज्ञानिकों से मिलूंगा। भारत मानवता की सेवा के लिए नई सरहदों की तलाश में उनके योगदान पर गर्व करता है।”

सर्न परमाणु अनुसंधान का एक यूरोपीय संगठन है, जो परमाणु भौतिकी की दुनिया की सबसे बड़ी प्रयोगशाला संचालित करता है।

स्विटजरलैंड भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और 11वां बड़ा निवेशक है।

यहां की अधिकांश बहुराष्ट्रीय कंपनियां जैसे एबीबी, लाफार्ज, नोवार्टिस, नेस्ले, रिएटर, रोचे, यूबीएस और क्रेडिट सुइस भारत में काम करती हैं।

स्विटजरलैंड में करीब 100 भारतीय कंपनियों ने वर्ष 2012-2014 के बीच 1.2 अरब डॉलर का निवेश किया। इस तरह यूरोप में यह भारतीयों के निवेश के शीर्ष पांच ठिकानों में और दुनिया भर में भारतीय निवेशकों के शीर्ष 10 ठिकानों में शामिल है।

द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2004 में जहां 1.6 अरब डॉलर का था, वह वर्ष 2011 में करीब तीन गुना बढ़कर 4.5 अरब डॉलर का हो गया। भारत का स्विटजरलैंड को व्यापारिक निर्यात वर्ष 2009 से 2014 के बीच बढ़कर दोगुने से भी अधिक हो गया है।

स्विस सीमा शुल्क के आंकड़ों के मुताबिक, द्विपक्षीय व्यापार में वर्ष 2014 में 2013 की तुलना में पांच फीसदी की कमी देखी गई, वहीं स्विटजरलैंड से भारत के निर्यात में 13 फीसदी कमी आई।

स्विटजरलैंड 48 देशों के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) का एक प्रमुख सदस्य है।

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