पटना, 6 जून (आईएएनएस)। पटना उच्च न्यायालय ने जनता दल (युनाइटेड) की विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मनोरमा देवी को सोमवार को जमानत दे दी।
मनोरमा देवी के घर से शराब की बोतलें बरामद होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बिहार में मद्य निषेध लागू है।
पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए. अमानुल्ला ने इस आधार पर मनोरमा देवी को जमानत दी कि राज्य के नए आबकारी कानून के तहत विदेशी शराब रखना कोई अपराध नहीं है। यह जानकारी एमएलसी के वकील वाई.वाई गिरी ने दी।
गत मई महीने में गया जिला अदालत में दो बार जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद महिला विधान पार्षद ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी।
वह गिरफ्तारी से बचने के लिए कई दिनों तक फरार रहीं। लेकिन, गत 17 मई को उन्होंने गया की जिला अदालत में समर्पण कर दिया और अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
मनोरमा देवी फिलहाल अपने पुत्र रॉकी यादव और पति बिंदी यादव के साथ गया की केंद्रीय जेल में बंद हैं। बिंदी यादव ऐसे नेता हैं जिनका अपराध जगत से संबंध बताया जाता है। रॉकी यादव पर आरोप है कि उसने गत 7 मई को अपनी गाड़ी से आगे निकलने पर आदित्य सचदेवा नाम के एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हत्या के बाद बिंदी यादव ने रॉकी को गिरफ्तारी से बचने में मदद की थी।
अदित्य की हत्या के बाद राज्य में हंगामा मचने के बाद जद (यू)ने मनोरमा देवी को पार्टी से निलंबित कर दिया था।
दंपति के हथियार लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए थे।
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