नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। जैव प्रोद्योगिकी की वैश्विक रैंकिंग में चीन से भारत के पिछड़ते जाने पर संसद की एक स्थायी समिति ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जैव प्रौद्योगिकी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर राज्य सभा की एक संसदीय समिति ने संसद में पेश अपनी रपट में कहा, “समिति का यह मानना है कि आने वाले सालों में जैव प्रौद्योगिकी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
समिति ने कहा, “जैव प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक रैंकिंग में सुधार आया है, लेकिन समिति ने मूलभूत विज्ञान के क्षेत्र में चीन से पिछड़ने पर चिंता जताई है।”
उसने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग से उत्कृष्टता प्राप्त करने तथा जैव प्रौद्योगिकी में भारत की वैश्विक रैकिंग में सुधार लाने को कहा है।
साल 2013 में जैव रसायन, अनुवांशिकी तथा आणविक जीव विज्ञान में अमेरिका, चीन, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान तथा फ्रांस के बाद वैश्विक स्तर पर भारत का सातवां स्थान था।
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