न्यूयार्क, 24 फरवरी (आईएएनएस)। जोलीड्रोनिक एसिड की एक खुराक एचआईवी रोगियों में एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) के दौरान होने वाले अस्थि क्षति को रोकने में मददगार है। द्वितीय चरण के चिकित्सा परीक्षण में यह खुलासा हुआ है।
अमेरिका के अटलांटा स्थित एमोरी युनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में सहायक प्रोफेसर और इस अध्ययन के मुख्य लेखक इगो ओफूटूकुन ने बताया, “हम इस बात से प्रोत्साहित हैं कि हमारी यह खोज एचआईवी रोगियों में अस्थि क्षय को रोकने में सक्षम रही है।”
ओफूटूकुन ने बताया, “यह दवा उस समय प्रभावी रही है, जब एआरटी से होनेवाली अस्थि क्षति सबसे अधिक होती है।”
इस शोध में 30-50 साल के 343 एचआईवी रोगियों को शामिल किया गया था, जिन्हें ऑस्टियोपोरोसिस रोग नहीं था। शोधार्थियों ने इनमें से 63 लोगों का चुनाव किया, जिन्होंने एआरटी और प्लेसबो या एआरटी और जोलीड्रोनिक एसिड चिकित्सा दी गई थी।
शोधार्थियों ने देखा कि प्लेसबो ग्रहण करने वाले लगभग सभी प्रतिभागियों में अस्थि क्षति में वृद्धि हुई, वहीं जोलीड्रोनिक एसिड का सेवन करने वाले मरीजों के उपचार के दौरान अस्थि क्षति में वृद्धि नहीं हुई।
यह निष्कर्ष अमेरिका के बोस्टन में रेट्रोवायरस एंड आर्पोच्युनिस्टिक इंफेक्शन्स (सीआरओआई) के 2016 के सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया।
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