झाबुआ, 14 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में हुए विस्फोट के मुख्य आरोपी राजेंद्र कासवा की गिरफ्तारी और तथ्यों को जुटाने के लिए सोमवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, वहीं आरोपी के घर से 59 डिटोनेटर बरामद किए गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार दूसरे दिन भी पीड़ितों के बीच रहे और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है।
शनिवार की सुबह पेटलावद के न्यू बस स्टैंड के करीब स्थित सेठिया होटल में गैस सिलेंडर के फटने और होटल के करीब ही स्थित राजेंद्र कासवा के गोदाम में खनन कार्य में इस्तेमाल के लिए रखे गए विस्फोटकों में हुए विस्फोट के कारण 88 लोगों की जान चली गई। वहीं 100 से ज्यादा घायल हैं, इनमें से कई की हालत अब भी गंभीर है। घायलों का इंदौर, रतलाम, धार व दाहेाद के विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि विस्फोट की घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। मुख्य आरोपी की तस्वीरें भी जारी की जाएंगी।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) मकरंद देउस्कर ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पेटलावद विस्फोट को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में तमाम जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं, वे अपने क्षेत्र में स्थित सभी विस्फोटक संग्रह करने वालों के लाइसेंस और संग्रहीत विस्फोटक का परीक्षण करें।
उन्होंने आगे बताया कि इंदौर के पुलिस महानिरीक्षक ने झाबुआ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सात सदस्यीय एसआईटी बनाई है। इसमें निरीक्षक और उपनिरीक्षक शामिल रहेंगे।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री शिवराज सोमवार को भी पीड़ितों का हाल जानने के लिए लगातार दूसरे दिन भी पेटलावद पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात कर ढाढस बंधाया और कहा कि सरकार पीड़ितों की हर संभव मदद करेगी, आम आदमी की जिंदगी पटरी पर लौटाना उनका मिशन है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को पेटलावद में आरोपी कासवा पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित करते हुए कहा था कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले की न्यायिक जांच का ऐलान मुख्यमंत्री पहले ही कर चुके हैं।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा अलवा ने कहा कि कासवा की तलाश जारी है, कई स्थानों पर दबिश दी गई और उसके ठिकानों की भी तलाशी ली गई है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि कासवा के घर की पंचों की मौजूदगी में ताला काटकर तलाशी ली गई तो एक डिब्बे में 59 डिटोनेटर व दो बैटरी मिली हैं।
सीमा ने बताया कि विस्फोट में मरने वालों की संख्या 88 है, वहीं घायलों का इलाज जारी है। स्थानीय लोग दाहोद अस्पताल में एक घायल की मौत होने की बात कह रहे हैं, मगर अभी पुष्टि नहीं की गई है।
हादसे के बाद प्रशासनिक अमले पर कार्रवाई का दौर शुरू है। पेटलावद के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) को हटा दिया गया है और पेटलावद के थाने में पदस्थ सभी पुलिसकर्मियों का तबादला करने के निर्देश दिए गए हैं।
विस्फोट को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। मुख्यमंत्री शिवराज को भी रविवार को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा था। लोगों ने उनसे तीखे सवाल भी पूछे थे और नारेबाजी की थी। मुख्यमंत्री ने मुख्य आरोपी और विस्फोटक संग्रहकर्ता राजेंद्र कासवा पर एक लाख रुपये का इनाम घोषत करने के साथ मृतकों के परिजनों को मुआवजे की रकम दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की भी घोषणा की थी।
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