नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने टार्गेट ओलंपिक पोडियम (टीओपी) योजना के लिए राष्ट्रीय खेल विकास निधि (एनएसडीएफ) द्वारा 30 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
खेल मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार कंपनी अपने कॉरपोरेट-सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत तीन साल तक 10 करोड़ रुपये देगी।
खेल मंत्री संदीप सोनोवाल ने कहा, “आईआईएफसीएल ने मार्च-2015 में एनएसडीएफ को 10 करोड़ रुपये दिए थे। यह निधि टीओपी के तहत बैडमिंटन के विकास के लिए इस्तेमाल की जाएगी।”
टीओपी के तहत विभिन्न खेलों जैसे एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, निशानेबाजी, कुश्ती और नौकायन से 45 खिलाड़ियों की सूची तैयार कर ली गई है जिन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस योजना के तहत खिलाड़ियों को चुने जाने के लिए तय किए गए मानदंड पर महिला युगल बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने नाराजगी जताई थी। दोनों खिलाड़ियों को इस सूची से बाहर रखा गया है।
खेल मंत्री ने हालांकि कहा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और इसके आधार पर अन्य खिलाड़ियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
सरकार ने इस योजना के लिए कुल 96.80 लाख रुपये जारी किए हैं।
उल्लेखनीय है कि टीओपी योजना का मुख्य लक्ष्य वर्ष-2016 और 2020 में होने वाले ओलंपिक खेलों में पदक जीत सकने वाले संभावित एथलीटों की पहचान और इसके लिए उन्हें विशेष तैयारी में मदद देना है।
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