वाशिंगटन, 5 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के टेक्सस में पैगंबर मोहम्मद पर आयोजित कार्टून प्रतियोगिता के दौरान हमले की कोशिश करने के दौरान मारे गए दो बंदूकधारियों के बारे में नया खुलासा हुआ है। दोनों बंदूकधारी एक साथ रहते थे और इनमें से एक ने हमले से ठीक पहले ट्विटर पर स्वयं को आतंकवादी गुट इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लड़ाकों से जुड़ा हुआ बताया था।
समाचार चैनल ‘सीएनएन’ के अनुसार, संघीय कानून प्रवर्तन के सूत्रों ने बताया है कि रविवार को हुए हमले में इन संदिग्धों की पहचान एल्टन सिंपसन और नादिर सूफी के रूप में हुई है, जो एरिजोना में फिनिक्स स्थित एक अपार्टमेंट में साथ रहते थे।
अधिकारियों ने कहा कि सिंपसन 2011 में अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू आतंकवादी घटनाओं में झूठे बयान देने के मामले में आरोपी है, जबकि सूफी एफबीआई की राडार पर नहीं था।
अमेरिकी घरेलू सुरक्षा विभाग के मंत्री जेह जॉन्सन ने सोमवार को कहा कि अधिकारी अभी भी संदिग्धों के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
गारलैंड पुलिस विभाग के प्रवक्ता जो हार्न ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि इस आयोजन की सुरक्षा में तैनात यातायात विभाग के एक अधिकारी ने अपनी सूझ-बूझ से इन संदिग्धों को मार गिराया। हथियारबंद से संदिग्ध सुरक्षा कवच (आर्मर) पहने हुए थे।
हालांकि, जांचकर्ताओं ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि उन्हें संदिग्धों के अपार्टमेंट से क्या प्राप्त हुआ, लेकिन सिंपसन द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए खुलासे से एक संभावित संकेत अवश्य मिला है।
सिंपसन ने हमले से पहले ट्वीट में लिखा था, “अल्लाह हमें मुजाहिदीन के रूप में स्वीकार करें।” सिंपसन और उसके साथी हमलावर ने ‘अमीरुल मुमिनीन’ के प्रति अपनी वफादारी जाहिर की है।
सीएनएन के आतंकवाद विश्लेषक के मुताबिक, ‘अमीरुल मुमिनीन’ का उल्लेख आईआईएस के नेता अबू बकर अल बगदादी के लिए किया गया था।
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