इस टूर्नामेंट में जहां येल्यास के साथी खेलने में व्यस्त थे, वहीं सात वर्षीय येल्यास स्वयं को विश्व के दिग्गज खिलाड़ियों के समक्ष प्रतियोगिता के लिए तैयार कर रहा था।
विश्व चैम्पियनशिप का सबसे युवा प्रतिभागी अपनी टीम का चौथा सदस्य है। 2008 में जन्मे येल्यास ने 2014 से ही टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया था।
अफनी दिनचर्या के दौरान येल्यास सुबह पांच घंटे अपनी पढ़ाई में और तीन घंटे टेबल टेनिस का अभ्यास करते हुए बिताता है।
येल्यास का कहना है कि चीन के झांग जाइक उसके आदर्श हैं। झांग ने 2012 लंदन ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
तुर्कमेनिस्तान के टेबल टेनिस संघ के अध्यक्ष और येल्यास के पिता अपने बेटे को लेकर काफी आशावादी हैं।
येल्यास के पिता ने अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस संघ की वेबसाइट को बताया, “टेबल टेनिस हमारा जीवन है। मेरा परिवार प्रतिदिन इसके साथ खाता-पीता है और जीता है। मैं अपने बेटे को इस खेल में बेहतर प्रदर्शन करते देखना चाहता हूं। मैं हमेशा उसका समर्थन करता रहूंगा।”
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