अमेरिकी जर्नल ‘साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन’ में प्रकाशित शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि कैंसर या ट्यूमर पीड़ित रोगियों को मधुमेह रोधी दवा दिए जाते समय खास सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
चीन के चोंग्किंग स्थित थर्ड मिलिटरी मेडिकल यूनिवर्सिटी से इस शोध के नेतृत्वकर्ता होंगटिंग झेंग और शिकांग यू के नेतृत्व में हुए अध्ययन के अनुसार, “मधुमेह कई तरह के कैंसरों के जोखिमों को बढ़ा सकता है। ऐसे रोगियों की भी संख्या है, जिन्हें मधुमेह व कैंसर, दोनों है। लेकिन एंटीबायोटिक किस प्रकार कैंसर को प्रभावित करता है, यह समझना मुश्किल है।”
चूहों पर हुए कुछ शोधों से पता चला कि कुछ दवाएं एनआरएफ2 सिग्नलिंग पाथवे को सक्रिय कर देती हैं, जिससे ट्यूमर मेटासिस त्वरित प्रतिक्रिया देने लगता है।
अगर यह निष्कर्ष मानवों पर सही साबित हो जाता है, तो मधुमेह पीड़ित कैंसर रोगियों की चिकित्सा में दी जाने वाली एंटीऑक्सीडेंट दवाओं को लेकर यह गंभीर चेतावनी होगी।
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