न्यूयॉर्क, 29 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका की एक संघीय अदालत ने सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के कुछ हिस्से पर रोक लगा दी है।
ब्रूकलिन जिला अदालत का यह फैसला इराक, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन और सीरिया से शरणार्थियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के ट्रंप के शनिवार के आदेश के बाद पूरे अमेरिका के हवाईअड्डों पर फंसे हजारों शरणार्थियों के लिए राहत भरा है।
न्यायाधीश एन्न एम. डॉनेली ने कुछ नागरिकों को उनके देश वापस भेजने के सरकार के फैसले पर शनिवार को रोक लगा दी। ये नागरिक इस आदेश के बाद खुद को बेहद परेशान और हताश महसूस कर रहे थे।
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से नियुक्त न्यायाधीश डोनले ने आदेश में कहा कि लोगों को उनके देश वापस भेजने से उन्हें ‘अपूरणीय क्षति’ पहुंचेगी।
ट्रंप के आदेश के तहत अमेरिका में सभी शरणार्थियों के प्रवेश पर 120 दिनों के लिए और सीरियाई शरणार्थियों पर अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था।
घरेलू सुरक्षा विभाग के अनुसार, ट्रंप के आदेश से इन देशों के ग्रीन कार्ड धारकों पर भी अमेरिका में फिर से प्रवेश पर प्रतिबंध लग गया है।
दो इराकी प्रवासियों की ओर से अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (एसीएलयू) द्वारा दायर याचिका में ट्रंप के आदेश को असंवैधानिक और न्यायिक धोखा कहा गया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रपट के मुताबिक, इसी बीच देशभर के हवाईअड्डों पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने नए राष्ट्रपति के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया।
एसीएलयू के वकीलों के मुताबिक, हवाईअड्डों पर और यात्रा के क्रम में 100 से 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के बाहर सैकड़ों लोगों ने ‘उन्हें रिहा करो’ के नारे लगाए।
वहीं, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अमेरिका में ग्रीन कार्ड धारक वैध निवासियों को देश छोड़ने से पहले कांसुलर अधिकारी से मिलने का निर्देश दिया।
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