ट्रंप ने खुद को ‘ईसाई नहीं’ बताने पर पोप पर साधा निशाना

वाशिंगटन, 19 फरवरी (आईएएनएस)। रिपब्लिकन पार्टी में राष्ट्रपति पद के दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने सोच समझकर राजनैतिक खतरा उठाते हुए कैथलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्म गुरु पोप फ्रांसिस पर निशाना साधा है।

वाशिंगटन, 19 फरवरी (आईएएनएस)। रिपब्लिकन पार्टी में राष्ट्रपति पद के दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने सोच समझकर राजनैतिक खतरा उठाते हुए कैथलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्म गुरु पोप फ्रांसिस पर निशाना साधा है।

पोप फ्रांसिस ने गुरुवार को कहा कि ट्रंप अगर गैर पंजीकृत आव्रजकों को वापस भेजने और अमेरिका तथा मैक्सिको के बीच दीवार खड़ी करने की बात करते हैं तो इसका अर्थ यह है कि वह ‘ईसाई’ नहीं हैं।

इस बयान के बाद ट्रंप ने पोप को निशाने पर लिया। साउथ कैरोलिना में शनिवार को होने वाले प्राइमरी से पहले ट्रंप ने गुरुवार को एक रैली में कहा, “एक धार्मिक नेता के लिए किसी व्यक्ति की आस्था पर प्रश्न उठाना शर्मनाक है।”

पोप को मैक्सिको का मोहरा बताते हुए ट्रंप ने कहा, “अगर कभी आईएस (आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट) ने वैटिकन पर हमला किया, जो कि सभी लोग जानते हैं कि आईएस की आखिरी ख्वाहिश है, तो मेरी बात मान लीजिए कि पोप उस वक्त बस यही एक इच्छा करेंगे कि काश ट्रंप राष्ट्रपति होता क्योंकि तब यह हमला नहीं होता।”

पोप ने मैक्सिको की छह दिवसीय यात्रा के बाद विमान से इटली जाने के दौरान कहा था, “जो व्यक्ति दूरियों को पाटने के बजाए दीवारें खड़ी करने के बारे में बात करता है, वह ईसाई नहीं हो सकता।”

ट्रंप ने कह रखा है कि राष्ट्रपति चुने जाने पर वह अवैध आव्रजन रोकने के लिए मैक्सिको-अमेरिका सीमा पर दीवार बनवाएंगे।

ट्रंप ने पोप की टिप्पणी पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “किसी भी नेता को, विशेषकर धार्मिक नेता को किसी अन्य व्यक्ति के धर्म या आस्था पर प्रश्न खड़ा करने का अधिकार नहीं है। “

सीएनएन के साथ एक मुलाकात में ट्रंप ने पोप को एक ‘बढ़िया इंसान’ बताते हुए कहा कि पोप जब चाहें तब वह उनसे मिल सकते हैं।

ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि यह कोई लड़ाई है। मुझे लगता है कि उन्होंने मीडिया द्वारा बताई गई बातों की तुलना में कई अधिक शालीनता के साथ कोई बात कही होगी।”

विश्लेषकों का मानना है कि पोप को निशाने पर लेने से ट्रंप को राजनैतिक नुकसान नहीं होने वाला है। सीएनएन ने तो यहां तक कहा है कि साउथ कैरोलिना प्राइमरी से ठीक पहले आए इन बयानों के बाद ट्रंप के प्रतिद्वंद्वी मार्को रुबियो सुर्खियों से परे चले गए हैं और ट्रंप केंद्र में आ गए हैं।

सीनेटर मार्को रुबियो (जोकि खुद कैथलिक हैं) ने भी सीएनएन के साथ साक्षात्कार में ट्रंप का समर्थन करते हुए कहा, “जहां तक सीमा पर दीवारें खड़ी करने का सवाल है, तो यह दीवारें केवल आव्रजकों के लिए नहीं होंगी।”

रुबियो ने कहा, “यह आतंकवादियों के लिए भी होंगी, जो सीमा पार से देश में घुसते हैं और इसके साथ-साथ मानव और ड्रग तस्करी पर भी रोक लगेगी।”

इससे पहले एक बहस में रिपब्लिकन पार्टी में राष्ट्रपति पद के अन्य दावेदारों ओहियो गर्वनर जान काशिच और फ्लोरिडा के गर्वनर जेब बुश ने पोप और ट्रंप के बीच के विवाद पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

काशिच ने सिर्फ इतना कहा कि वह पोप समर्थक हैं। कैथलिक धर्म में गहरी आस्था रखने वाले बुश ने पोप की टिप्पणी की आलोचना नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि वह निजी तौर पर लोगों के ईसाई होने पर सवाल नहीं उठाएंगे।

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