नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। डिजिटल भुगतान में लगातार वित्तीय धोखाधड़ी की खबरों के बीच, भारत में पहली बार एटम टेक्नोलॉजिज एंड ट्रॉनवॉल एक नई प्रौद्योगिकी ‘ई-शील्ड’ लेकर आई है जो डिजिटल भुगतान में जोखिमों को कम करेगी। ग्राहकों को अब इस प्रोद्यौगिकी के माध्यम से अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड को ‘ऑन’ या ‘ऑफ’ कर सकने की सुविधा मिलेगी।
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। डिजिटल भुगतान में लगातार वित्तीय धोखाधड़ी की खबरों के बीच, भारत में पहली बार एटम टेक्नोलॉजिज एंड ट्रॉनवॉल एक नई प्रौद्योगिकी ‘ई-शील्ड’ लेकर आई है जो डिजिटल भुगतान में जोखिमों को कम करेगी। ग्राहकों को अब इस प्रोद्यौगिकी के माध्यम से अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड को ‘ऑन’ या ‘ऑफ’ कर सकने की सुविधा मिलेगी।
सरकारी डाटा के अनुसार, 21 दिसंबर 2017 तक भारत में डेबिट या क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित 25,800 धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे ग्राहकों को 179 करोड़ रुपये की चपत लगी। बड़ी संख्या में भारतीय ग्राहक इंटरनेट भुगतान में सुरक्षा से जुड़े मामले की वजह से वित्तीय लेने देन करने से कतराते हैं।
एटम टेक्नोलॉजिज ने ‘ई-शील्ड’ के लिए आस्ट्रेलिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी ट्रॉनवॉल के साथ साझेदारी की है।
इस साझेदारी पर एटम टेक्नोलोजिज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांग नेरेला ने कहा, “हम भारतीय बाजार में ट्रेनवाल के साथ इस उच्च क्षमता वाली प्रौद्योगिकी को पेश कर रोमांचित हैं। यह नवीनतम धोखाखड़ी निवारक टूल, ग्राहकों को कार्ड के जरिए खुद भुगतान नियंत्रण करने की ताकत देता है।”
कंपनी ने एक बयान में कहा कि ग्राहक स्मार्टफोन एप का इस्तेमाल कर पेमेंट कार्ड के भुगतान के संबंध में ऑन या ऑफ का विकल्प चुन सकते हैं। ग्राहक इस विकल्प का इस्तेमाल इंटरनेट(इ-कामर्स), एटीएम, पीओएस टर्मिनल या अन्य तरीकों से कर सकते हैं। ग्राहक वास्तविक समय(रियल टाइम) में अपने कार्ड या नेटबैंकिंग में यह सेट कर सकते हैं कि उन्हें किस खास भुगतान की इजाजत देनी है या नहीं देनी है। इससे ग्राहक अपनी धनराशि पर पूरा नियंत्रण रख सकेंगे। स्मार्टफोन धारक इस सेवा का इस्तेमाल अपने बैंक के मोबाइल बैंकिंग एप से कर सकते हैं और जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, वे एसएसएस और यूएसएसडी के जरिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
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