डीटीसी चालकों की हड़ताल से यात्री हलकान (लीड-1)

नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को अपने एक साथी की पीट-पीटकर हत्या के विरोध में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों के चालक सोमवार को हड़ताल पर रहे, जिसके कारण यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। खासकर सुबह दफ्तर जाने के लिए डीटीसी बसों की सेवा लेने वालों को खूब परेशानी हुई।

चालकों की हड़ताल के कारण डीटीसी की 4,705 बसें सड़कों से नदारद रहीं और सैकड़ों चालक व सह चालकों ने शहर के 45 डिपो पर एकत्रित होकर विरोध-प्रदर्शन किया।

हड़ताल के कारण पड़ोसी राज्यों हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में भी डीटीसी की सेवाएं प्रभावित रहीं।

दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने मसले के समाधान के लिए अधिकारियों से मुलाकात की।

उल्लेखनीय है कि 42 वर्षीय चालक अशोक की पश्चिमी दिल्ली के मुंडका इलाके में एक मोटरसाइकिल सवार ने अपनी मोटरसाइकिल को टक्कर मारे जाने के बाद हेलमेट व आग बुझाने वाले छोटे सिलेंडर से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

चालक की मौत की खबर फैलते ही डीटीसी कर्मचारी संगठनों ने सोमवार को हड़ताल की घोषणा कर दी। सुबह से ही चालक व सहचालक डिपो पर एकत्रित होने लगे। उन्होंने नारे लगाए और बाइक सवार के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सोमवार को सबसे ज्यादा दिक्कत उन हजारों विद्यार्थियों को हुई, जिनके स्कूलों ने उन्हें लाने ले जाने के लिए डीटीसी बसों को किराये पर रखा है। बसों की अनुपस्थिति में अधिकांश विद्यार्थी ऑटो रिक्शा व निजी वाहनों से स्कूल पहुंचे।

ऑफिस जाने वाले लोगों को मजबूरी में दिल्ली मेट्रो का रुख करना पड़ा, वहीं मौके का फायदा उठाते हुए ऑटो रिक्शा चालकों ने यात्रियों से मनमाना किराय वसूला।

दिल्ली परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “हालात सामान्य करने के लिए प्रयास जारी हैं।”

डीटीसी के बेड़े में कुल 4,705 बसें हैं, जिनमें से 1,275 एयरकंडीशन तथा 2,506 साधारण लो फ्लोर बसें हैं। बाकी पुरानी बसें हैं।

दोपहर तक हालात में कुछ सुधार आया, क्योंकि स्कूलों के लिए चलने वाली डीटीसी की कुछ बसें सड़कों पर दिखीं।

डीटीसी के प्रवक्ता आर.एस.मिन्हास ने कहा कि यात्रियों की कठिनाइयों को कम करने के लिए वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा बुरी हालत उत्तरी दिल्ली तथा शहर के ग्रामीण क्षेत्रों की है।

उन्होंने कहा, “सभी बाधाओं को दूर करते हुए हम 704 बसों को सड़कों पर लाने में सफल हुए हैं। शाम तक इस संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।”

पुलिस ने कहा कि हड़ताल शांतिपूर्ण रही।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने आईएएनएस से स्वीकार किया कि रेलगाड़ियां खचाखच भरी रहीं।

अधिकारी ने कहा, “सोमवार अमूनन भीड़भाड़ वाला दिन होता है और डीटीसी की हड़ताल के कारण यह और भीड़भाड़ भरा हो गया।”

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