नई दिल्ली, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने डीडीसीए में कथित अनियमितताओं की जांच एक संसदीय समिति से कराने और केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की सोमवार को मांग की।
लोकसभा में जेटली के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने प्रश्नकाल के बाद लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया और आरोप लगाया कि जेटली दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में अनियमितताओं से वाकिफ थे और वह भी घोटाले में लिप्त हैं।
वेणुगोपाल ने कहा, “इसलिए हम इस मुद्दे की जांच एक संयुक्त संसदीय समिति से कराने और उनके इस्तीफे की मांग करते हैं।”
केंद्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि कांग्रेस सदस्य ने एक बेतुका बयान दिया है और वित्तमंत्री पर व्यक्तिगत रूप से निशाना साधा है।
डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष जेटली ने जवाब में कहा कि चूंकि दिल्ली के पास कोई क्रिकेट स्टेडियम नहीं था, लिहाजा “हमें (डीडीसीए) यह आवश्यक लगा कि राष्ट्रीय राजधानी में एक समुचित स्टेडियम होना चाहिए।”
जेटली ने कहा कि डीडीसीए ने संसाधन जुटाने का निर्णय लिया और फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में 43 कॉरपोरेट बॉक्स बनाए गए। उसके बाद 10 वर्षो के टिकटों की अग्रिम बिक्री की गई और प्रत्येक सीट का टिकट एक लाख रुपये रखा गया। उन्होंने कहा कि डीडीसीए ने 35 करोड़ रुपये विज्ञापन स्पेस बेच कर जुटाए।
केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बड़ा स्टेडियम निर्मित करने के लिए 50 करोड़ रुपये दिए।
जेटली ने कहा, “निविदा प्रक्रिया के जरिए इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया। निर्माण कार्य पर 57 करोड़ रुपये खर्च हुए। अन्य 43 कार्य भी करने थे। ये कार्य उनके सहायक ठेकेदारों द्वारा किए गए।”
जेटली ने कहा कि स्टेडियम के निर्माण पर कुल 114 करोड़ रुपये की लागत आई।
जेटली ने कांग्रेस की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के जीर्णोद्धार पर 900 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। राष्ट्रमंडल खेल संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के दौरान हुए थे।
जेटली ने कहा, “आरोप निराधार और गलत हैं।”
उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनके द्वारा दायर मानहानि के मामले का जिक्र भी संसद के बाहर किया।
भाजपा नेता ने कहा, “चूंकि यह मुद्दा सदन के बाहर उछाला गया है, लिहाजा इस पर उचित कदम उठाया गया है।”
वित्तमंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
इसके पहले सोमवार को भी इसी मुद्दे पर राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई थी, क्योंकि कांग्रेस सदस्यों ने डीडीसीए के मामलों में कथित अनियमितता को लेकर जेटली का इस्तीफा मांगा था।
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